Melania Trump Lawsuit : अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के बेटे हंटर बाइडेन को 1 अरब डॉलर का मानहानि नोटिस भेजा है। हंटर बाइडेन ने हाल ही में एक इंटरव्यू में दावा किया कि मेलानिया और डोनाल्ड ट्रंप की पहली मुलाक़ात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के ज़रिए हुई थी। इस बयान से मेलानिया ट्रंप बेहद नाराज़ हैं और उन्होंने इसे झूठा, अपमानजनक और भड़काऊ बताया है।

इंटरव्यू में क्या कहा हंटर बाइडेन ने?
ब्रिटिश मीडिया बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, हंटर बाइडेन ने एपस्टीन और ट्रंप के कथित रिश्तों की आलोचना करते हुए कहा था कि मेलानिया ट्रंप की ट्रंप से पहली मुलाकात एपस्टीन के माध्यम से हुई थी। उनका तर्क था कि इससे ट्रंप और एपस्टीन के आपसी संबंधों की गहराई का पता चलता है।

मेलानिया का कड़ा जवाब
मेलानिया ट्रंप के वकीलों ने तुरंत हंटर बाइडेन को कानूनी नोटिस भेजते हुए कहा कि इस दावे से उनकी छवि को नुकसान पहुँचा है और उन्हें आर्थिक हानि भी हुई है। नोटिस में कहा गया है कि यदि हंटर बाइडेन तुरंत बयान वापस नहीं लेते और सार्वजनिक रूप से माफ़ी नहीं मांगते, तो उनके खिलाफ 1 अरब डॉलर से अधिक का मुकदमा दायर किया जाएगा। मेलानिया के प्रवक्ता निक क्लेमेंस ने बीबीसी को बताया, “प्रथम महिला की प्रतिष्ठा को जानबूझकर निशाना बनाया गया है। वकील ऐसे सभी लोगों से माफ़ी की मांग कर रहे हैं जो इस झूठी और मानहानिकारक जानकारी को फैला रहे हैं।”
किस रिपोर्ट पर आधारित था दावा?
बताया जा रहा है कि हंटर बाइडेन की यह टिप्पणी पत्रकार माइकल वोल्फ की एक आलोचनात्मक जीवनी पर आधारित थी, जिसमें ट्रंप और मेलानिया की मुलाक़ात एपस्टीन के ज़रिए होने का दावा किया गया था। हालांकि, इस दावे को कभी किसी पक्के सबूत से समर्थन नहीं मिला। 2016 में हार्पर बाजार को दिए इंटरव्यू में खुद मेलानिया ने कहा था कि उनकी ट्रंप से पहली मुलाकात 1998 में न्यूयॉर्क में एक पार्टी के दौरान हुई थी, जिसे एक मॉडलिंग एजेंसी के संस्थापक ने आयोजित किया था।
एपस्टीन दस्तावेज़ों पर भी गरमाई सियासत
यह विवाद ऐसे समय पर हुआ है जब व्हाइट हाउस पर जेफरी एपस्टीन से जुड़े अप्रकाशित दस्तावेज़ों को सार्वजनिक करने का दबाव बढ़ रहा है। ट्रंप पहले ही चुनावी वादे के तहत कह चुके हैं कि अगर वे दोबारा सत्ता में आते हैं, तो ये दस्तावेज़ जारी करेंगे। मेलानिया ट्रंप द्वारा भेजा गया यह कानूनी नोटिस अमेरिकी सियासत में एक नया विवाद खड़ा कर रहा है, खासकर उस समय जब 2024 के चुनाव नज़दीक हैं और ट्रंप और बाइडेन के बीच प्रतिस्पर्धा चरम पर है।
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