Archana Tiwari update : 13 दिन से लापता चल रही अर्चना तिवारी यूपी के लखीमपुर खीरी में नेपाल बॉर्डर के पास सुरक्षित बरामद हुई हैं। भोपाल GRP पुलिस ने मंगलवार को उन्हें बरामद किया। अर्चना की बरामदगी के बाद सवाल उठ रहे हैं कि 13 दिन में वह कहां थीं और कौन उन्हें वहां छोड़कर गया। पुलिस का कहना है कि इस मामले की पूरी जानकारी 20 अगस्त को प्रेस वार्ता में साझा की जाएगी।

रेलवे भोपाल एसपी राहुल लोढ़ा ने बताया कि अर्चना तिवारी 7-8 अगस्त की रात इंदौर-बिलासपुर-नर्मदापुरम एक्सप्रेस के डी3 कोच से अचानक लापता हो गई थीं। रानी कमलापति जीआरपी थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने मध्य प्रदेश और आस-पास के राज्यों के जंगलों में तलाशी शुरू की और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली।

मां के सुराग से बरामद
अर्चना ने मंगलवार को यूपी लखीमपुर खीरी से अपनी मां को फोन किया। दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई, जिसमें अर्चना ने अपनी लोकेशन बताई। इसके बाद मां ने यह जानकारी जीआरपी पुलिस को दी। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस करते हुए अर्चना को नेपाल बॉर्डर के पास सुरक्षित बरामद किया। एसपी ने कहा कि अर्चना पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें भोपाल ले जाया जा रहा है।
पढ़ाई और रहस्य
अर्चना तिवारी सिविल जज की तैयारी कर रही हैं। वे इंदौर से कटनी ट्रेन यात्रा पर निकली थीं और रहस्यमय तरीके से लापता हो गईं। तलाशी के दौरान उनका ग्वालियर कनेक्शन सामने आया। अर्चना ग्वालियर में तैनात कांस्टेबल राम तोमर के संपर्क में थीं। पुलिस ने 19 अगस्त को उनसे पूछताछ की। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों के बीच क्या संबंध हैं।
आगे की कार्रवाई
एसपी राहुल लोढ़ा ने बताया कि अर्चना का बयान दर्ज करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने फिलहाल मामला गुप्त रखा है, ताकि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और सुरक्षित हो। 13 दिन से लापता अर्चना तिवारी की सुरक्षित बरामदगी एक बड़ी राहत है। मां के दिए सुराग और पुलिस की तत्परता ने उन्हें सुरक्षित लौटाने में मदद की। हालांकि, अभी कई सवाल अनसुलझे हैं, जिनका खुलासा 20 अगस्त की प्रेस वार्ता में होगा।










