Patna Indrapuri Violence: बिहार की राजधानी पटना के इंद्रपुरी थाना क्षेत्र में दो मासूम बच्चों की रहस्यमयी मौत के बाद सोमवार देर शाम हालात बेकाबू हो गए। गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने अटल पथ पर जबरदस्त हंगामा किया। इस दौरान एक भाजपा नेता के VVIP काफिले पर हमला हुआ और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।

बच्चों की मौत से उभरा जनाक्रोश
दरअसल, 15 अगस्त को इंद्रपुरी रोड नंबर 5 में दो मासूमों के अधजले शव बरामद किए गए थे। परिजनों का आरोप है कि दोनों बच्चों की बेरहमी से हत्या कर शवों को जलाया गया है। पुलिस ने तत्काल जांच का आश्वासन दिया था, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे नाराज लोगों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा।

अटल पथ पर उपद्रव, भाजपा नेता के काफिले पर पथराव
सोमवार शाम को सैकड़ों की संख्या में लोग अटल पथ पर उतर आए और सड़क जाम कर दी। इसी दौरान वहां से गुजर रहे भाजपा से जुड़े एक VVIP नेता के काफिले पर उपद्रवियों ने पथराव कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि एस्कॉर्ट कर रहे पुलिसकर्मियों ने किसी तरह काफिले को सुरक्षित बाहर निकाला।
वाहनों में लगाई आग, पुलिस पर पथराव
गुस्साए लोगों ने सड़क पर खड़े कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस जब हालात काबू में करने पहुंची, तो उपद्रवियों ने उन पर भी पथराव शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हवाई फायरिंग और लाठीचार्ज किया। इसके बाद लोगों को खदेड़ कर स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।
एक किलोमीटर लंबा जाम, कई पुलिसकर्मी घायल
हंगामे के कारण अटल पथ पर लगभग 1 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एसएसपी पटना कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि उपद्रव में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस की सख्ती के बाद माहौल शांत
घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं। पुलिस ने कुछ उपद्रवियों को हिरासत में लिया है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से बाकी की पहचान की जा रही है।
परिजन बोले – पुलिस नहीं कर रही सही जांच
मृत बच्चों के परिजनों का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर मामले को दबा रही है और आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। इंद्रपुरी की यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि बच्चों की मौत के पीछे की सच्चाई को उजागर करने की तत्काल आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। लोगों का आक्रोश इसी बात का संकेत है कि न्याय की उम्मीदें अब भी अधूरी हैं।
Read More : Indian Cricket Future : कोहली-रोहित के बाद कौन? सचिन तेंदुलकर ने बताया भारतीय क्रिकेट का अगला सुपरस्टार










