Karnataka Politics : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की प्रार्थना वंदना गीत को लेकर उत्पन्न विवाद के बीच कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने मंगलवार को पुनः अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य भाजपा को चिढ़ाना था, लेकिन उनके कुछ करीबी दोस्तों ने इसे राजनीतिक रूप से भुनाने की कोशिश की और भ्रम फैलाया।

डीके शिवकुमार का बयान और माफी
डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया, “मैं जन्मजात कांग्रेसी हूं और एक कांग्रेसी के रूप में ही मरूंगा। कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के प्रति मेरी निष्ठा पर कोई सवाल नहीं उठा सकता।” उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस के किसी भी नेता या ‘इंडिया ब्लॉक’ को उनकी टिप्पणी से चोट पहुंची है तो उन्हें खेद है और वे सभी से माफी मांगते हैं।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब 21 अगस्त को कर्नाटक विधानसभा के अंदर डीके शिवकुमार ने RSS की प्रार्थना वंदना ‘नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे’ की कुछ पंक्तियां गाईं थीं। इसके बाद कांग्रेस के अंदर उनके खिलाफ और पार्टी छोड़ने की अफवाहें फैलने लगीं। कई मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक विश्लेषकों ने इस घटना को उनके भाजपा में जाने के संकेत के रूप में देखा।
राजनीतिक गलियारों में उठे सवाल
शिवकुमार की इस हरकत को लेकर कांग्रेस में सवाल उठने लगे और विपक्ष ने भी इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व ने अभी तक इस मामले में कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है, लेकिन पार्टी के भीतर से लगातार यह मांग उठ रही है कि ऐसे विवादित बयानों से बचना चाहिए।
डीके शिवकुमार की कांग्रेस से निष्ठा पर जोर
अपने बयान में डीके शिवकुमार ने कांग्रेस से अपनी निष्ठा दोहराई और पार्टी की विचारधारा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि वे कभी भी भाजपा में शामिल नहीं होंगे और यह सब केवल राजनीतिक छलावा है। उन्होंने इस विवाद को खत्म करने और पार्टी एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया।
राजनीतिक माहौल और आगे की संभावनाएं
कर्नाटक में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह विवाद राजनीतिक हलचलों को और बढ़ा सकता है। कांग्रेस को इस मामले को संभालते हुए पार्टी एकता कायम रखने की चुनौती का सामना करना होगा। वहीं, भाजपा इस अवसर का फायदा उठाकर कांग्रेस के अंदरुनी मतभेदों को उजागर करने का प्रयास कर सकती है।
डीके शिवकुमार द्वारा RSS की प्रार्थना वंदना गाने को लेकर उठे विवाद ने कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर हलचल मचा दी है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट माफी और सफाई दी है, लेकिन राजनीतिक विरोधी दल इसे कांग्रेस की कमजोरियों के रूप में पेश करने से नहीं चूकेंगे। आगामी समय में इस मामले की छानबीन और राजनीतिक नतीजों पर नजर रखी जाएगी।










