Bhind MLA Controversy: भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बीच हुए विवाद ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। बुधवार को कलेक्टर निवास पर खाद संकट को लेकर पहुंचे विधायक ने कलेक्टर के साथ गाली-गलौज और धमकी भरे अंदाज़ में बातचीत की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विधायक ने कलेक्टर को अपशब्द कहे और माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने इस पूरे मामले को रेत माफिया से जोड़ते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, “खाद का मुद्दा सिर्फ बहाना है, असली वजह रेत चोरी है। जब कलेक्टर ने अवैध रेत खनन पर कार्रवाई की, तो विधायक बौखला गए।” प्रशासनिक नाराजगी और विरोध की तैयारी इस घटना के बाद जिला प्रशासन में खासा आक्रोश है। राजस्व विभाग सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने विधायक के बर्ताव को लेकर गहरी नाराजगी जताई है। आज पूरे जिले में सरकारी अमला विधायक की कथित दबंगई के विरोध में प्रदर्शन करेगा। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों को इस तरह धमकाना निंदनीय है और यह लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ है। “नगर पालिका को लूटने का सपना देख रहे हैं विधायक” – कांग्रेस चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि विधायक भिंड नगर पालिका पर कब्जा करना चाहते हैं और उसे रेत माफिया के हवाले करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “कलेक्टर खाद की फैक्ट्री नहीं चलाते। अगर खाद को लेकर कोई समस्या थी तो विधायक को मुख्यमंत्री या प्रभारी मंत्री से बात करनी चाहिए थी, न कि कलेक्टर को धमकाना।” कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह किसी भी कीमत पर नगर पालिका को माफियाओं के नियंत्रण में नहीं जाने देगी। पार्टी ने कार्यकर्ताओं से सतर्क और तैयार रहने को कहा है। लोकतंत्र पर सीधा हमला: कांग्रेस पूर्व मंत्री ने कहा, “आज कलेक्टर को धमकाया गया है, कल किसी कांग्रेस नेता को निशाना बनाया जा सकता है। यह सिर्फ एक प्रशासनिक मामला नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर हमला है।”भिंड में विधायक-कलेक्टर विवाद अब सिर्फ एक स्थानीय प्रशासनिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह राज्य की राजनीति और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। जहां एक ओर कांग्रेस इस घटना को माफियावाद के खिलाफ संघर्ष के रूप में देख रही है, वहीं सरकारी अमला भी अब खुलकर विरोध में उतर आया है। आने वाले दिनों में यह विवाद और भी तूल पकड़ सकता है। Read More : Vishnu Dev Sai Korea visit: दक्षिण कोरिया में छत्तीसगढ़ के लिए निवेश सौगात, मुख्यमंत्री साय की कूटनीति रंग लाई














