Amit Shah : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को असम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां के लिए कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया और इसे “घृणा की राजनीति का निम्नतम स्तर” बताया।

शाह ने कहा कि राहुल गांधी की ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ सिर्फ वोट बैंक की राजनीति का एक उदाहरण है और इससे देश की राजनीति का स्तर गिरा है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी के स्वागत मंच से नरेंद्र मोदी जी की माताजी के लिए अपशब्द कहे गए। यह कांग्रेस की ओछी मानसिकता और हताशा को दर्शाता है।”

अमित शाह के भाषण की 4 बड़ी बातें:
पीएम मोदी की मां पर टिप्पणी की निंदा
शाह ने कहा कि मोदी जी की माताजी ने गरीब घर में बच्चों को संस्कार देकर पाला और उनका बेटा आज विश्व में भारत का नाम रोशन कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया, “क्या ऐसी महिला के लिए इस प्रकार के शब्द उचित हैं?” उन्होंने राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की।
घृणा की राजनीति पर सीधा प्रहार
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने देश की राजनीति में घृणा और तिरस्कार का ज़हर घोला है। शाह ने कहा कि कांग्रेस की यह राजनीति देश को गर्त में ले जाएगी, न कि ऊंचाई पर।
मोदी को गाली देने की परंपरा
अमित शाह ने सोनिया गांधी, मणिशंकर अय्यर, दिग्विजय सिंह सहित कई कांग्रेस नेताओं के पुराने बयानों का जिक्र किया, जिनमें मोदी जी को ‘मौत का सौदागर’, ‘नीच आदमी’, ‘भस्मासुर’, और ‘वायरस’ तक कहा गया था।
“कमल और ज्यादा खिलेगा”
उन्होंने कांग्रेस को चेतावनी दी कि जितनी ज्यादा गालियां वे मोदी को देंगे, भारतीय जनता पार्टी उतनी ही मजबूती से उभरेगी। “हर चुनाव में कांग्रेस ने यही किया, गाली दी और मुंह की खाई,” शाह ने कहा।
अमित शाह का यह भाषण स्पष्ट रूप से चुनावी माहौल को गरमा रहा है। कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने न सिर्फ प्रधानमंत्री के सम्मान की बात की, बल्कि यह भी जताया कि जनता ऐसे बयानों को बर्दाश्त नहीं करेगी। यह भाषण भाजपा के चुनावी नैरेटिव – “विकास बनाम घृणा” को और मजबूत करता दिखता है।










