Putin SCO summit: चीन के तियानजिन शहर में जारी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, जहां रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी अपने दौरे पर पहुंच चुके हैं। इस समिट में लगभग 20 देशों के प्रमुख नेता हिस्सा ले रहे हैं, जो तियानजिन में एकत्रित हो गए हैं। SCO समिट की महत्ता शंघाई सहयोग संगठन, जिसे SCO के नाम से जाना जाता है, एशिया और यूरोप के प्रमुख देशों का एक शक्तिशाली बहुपक्षीय मंच है। इस मंच का उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देना है। चीन में हो रहे इस समिट का ध्यान न केवल क्षेत्रीय मुद्दों पर है, बल्कि वैश्विक कूटनीति और सुरक्षा से जुड़ी कई अहम चर्चाएं भी होंगी। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की प्रस्तावित बैठक समित के दौरान सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। यह बैठक दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने और द्विपक्षीय सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रमुख मुद्दे होंगे चर्चा का विषय बैठक में भारत और रूस के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हो सकती है, जिनमें शामिल हैं: सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग वाणिज्यिक और ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी वैश्विक और क्षेत्रीय राजनीतिक परिदृश्य परमाणु और रक्षा सहयोग तियानजिन में जुटे अन्य प्रमुख नेता SCO समिट में शामिल लगभग 20 देशों के नेता चीन के तियानजिन पहुंच चुके हैं। इस सम्मेलन में भाग लेने वाले देशों में भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किरगिज़स्तान, ताजिकिस्तान, और उज्बेकिस्तान जैसे सदस्य देश शामिल हैं। इसके अलावा पर्यवेक्षक देशों और साझेदार देशों के प्रतिनिधि भी इस बैठक में मौजूद हैं। चीन की भूमिका और वैश्विक परिप्रेक्ष्य चीन इस बार SCO की मेजबानी कर रहा है और वह संगठन के भीतर आर्थिक परियोजनाओं और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। बीजिंग की नजर “बेल्ट एंड रोड” इनिशिएटिव को SCO देशों में फैलाने और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देने पर है। सुरक्षा और आर्थिक सहयोग के अवसर इस समिट में सदस्य देशों के बीच न केवल सुरक्षा को लेकर विचार-विमर्श होगा, बल्कि आर्थिक साझेदारी, ऊर्जा सुरक्षा, और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर भी चर्चा की जाएगी। SCO देशों के बीच आर्थिक सहयोग क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाशने की उम्मीद है। SCO समिट तियानजिन में एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा जहां एशिया और आसपास के क्षेत्र के प्रमुख नेता एक साथ आकर क्षेत्रीय स्थिरता, सुरक्षा, और आर्थिक विकास की दिशा में काम करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की द्विपक्षीय बैठक इस समिट की सबसे महत्वपूर्ण मुलाकातों में से एक होगी, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद करेगी। Read More : Mann Ki Baat 125: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे 31 अगस्त को ‘मन की बात’ का 125वां एपिसोड, चीन से देशवासियों से संवाद
















