Kedarnath Verma Death: शहर की सांस्कृतिक और शैक्षणिक दुनिया को मंगलवार को बड़ा झटका लगा, जब प्रख्यात वायलिन वादक और स्वर संगम ऑर्केस्ट्रा (स्थापना वर्ष 1967) के संस्थापक-संचालक केदारनाथ वर्मा का 83 वर्ष की आयु में उनके निजी निवास पर निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। केदारनाथ वर्मा न केवल मल्टी पर्पज हायर सेकेंडरी विद्यालय, अंबिकापुर में अंग्रेजी के व्याख्याता के रूप में छात्रों को ज्ञान प्रदान करते रहे, बल्कि उन्होंने संगीत के क्षेत्र में भी शहर का नाम ऊँचाई तक पहुँचाया। उनके निधन से अंबिकापुर ने एक ऐसी प्रतिभा को खो दिया है, जिसने दो अलग-अलग क्षेत्रों — शिक्षा और संगीत — में बेमिसाल योगदान दिया। संगीत की आत्मा: स्वर संगम और वायलिन वादन केदारनाथ वर्मा ने 1967 में स्वर संगम ऑर्केस्ट्रा की स्थापना की थी, जो अंबिकापुर की पहली संगठित ऑर्केस्ट्रा टीम थी। उनके नेतृत्व में इस ऑर्केस्ट्रा ने न केवल स्थानीय बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर भी प्रसिद्धि पाई। उनके वायलिन वादन की मिठास और भावपूर्ण प्रस्तुति आज भी कई संगीत प्रेमियों की यादों में गूंज रही है। उनकी पहचान सिर्फ एक शिक्षक की नहीं, बल्कि एक समर्पित संगीतज्ञ और कलाकारों के प्रेरणास्रोत के रूप में भी रही है। अंतिम संस्कार और शोक की लहर मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार शंकर घाट मुक्ति धाम में किया गया, जहां उनके ज्येष्ठ पुत्र जीतेन्द्र वर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी। वे अपने पीछे दो पुत्र, दो पुत्रियाँ और एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन की खबर फैलते ही शहर के बुद्धिजीवी वर्ग, संगीतकार, पूर्व छात्र और स्थानीय नागरिकों में शोक की लहर दौड़ गई। अनेक लोगों ने उनके निवास पर पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार को सांत्वना दी। शिक्षा और संस्कृति के दो स्तंभों का समन्वय एक तरफ वे स्कूल के विद्यार्थियों के लिए आदर्श शिक्षक रहे, वहीं दूसरी ओर उन्होंने युवा कलाकारों को मंच प्रदान कर उन्हें संगीत की दुनिया में स्थान दिलाया। उनकी शिक्षण शैली जितनी प्रभावशाली थी, उतना ही उनका संगीत में समर्पण। केदारनाथ वर्मा का जीवन एक ऐसी मिसाल है, जिसमें शिक्षा, संगीत और सेवा की त्रिवेणी बहती रही। उनका योगदान अंबिकापुर की सांस्कृतिक विरासत में हमेशा जीवित रहेगा। उनके निधन से जो शून्य उत्पन्न हुआ है, वह भरना आसान नहीं। लेकिन उनकी यादें, उनका वादन और उनका आदर्श सदैव शहरवासियों के हृदय में अमर रहेगा। Read More : Eklavya Model Residential School: एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय पेटला/लुंड्रा के विद्यार्थी राज्य स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव के लिए चयनित
















