Sikkim Landslide: सिक्किम में लगातार हो रही भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। शुक्रवार तड़के दरका पहाड़ में भीषण भूस्खलन की घटना में 4 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 3 लोग अभी भी लापता हैं। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण ह्यूम नदी उफान पर है, जिससे कई घर पानी में डूब गए हैं। यह घटना पश्चिमी सिक्किम के यांगथांग निर्वाचन क्षेत्र के अपर रिम्बी इलाके में घटी है।

घटना का हाल और बचाव कार्य
स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। एसएसबी जवानों और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर बाढ़ग्रस्त ह्यूम नदी पर लकड़ियों से अस्थायी पुल बनाया, जिससे प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। इस प्रयास में दो महिलाओं को रेस्क्यू किया गया, जिन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई, जबकि दूसरी महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।

पुलिस अधीक्षक गेजिंग शेरिंग शेरपा ने बताया कि भूस्खलन की चपेट में आने से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। बचाव कार्य जारी है और तीन लोग अभी भी लापता हैं।
ह्यूम नदी में उफान और भारी बारिश का असर
भारी बारिश के चलते पहाड़ दरक गए और भूस्खलन की वजह से मलबा नदी में गिरा, जिससे ह्यूम नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ गया। नदी के उफान से कई घर जलमग्न हो गए और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।
मौसम विभाग ने सिक्किम में आगामी दिनों के लिए भी 17 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही अन्य नदियां भी उफान पर हैं, जो पहाड़ी इलाकों में खतरे की घंटी साबित हो रही हैं।
पहाड़ी राज्यों में बर्बादी जारी
सिक्किम में आई यह आपदा केवल एक उदाहरण है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर सहित अन्य पहाड़ी राज्यों में भी पिछले दिनों लगातार भारी बारिश और भूस्खलन से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। इन राज्यों में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश के चलते सतर्क रहने और जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह जारी की है।
प्रशासन की सतर्कता और अपील
सिक्किम प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे नदी किनारे और भूस्खलन की संभावित जगहों से दूर रहें। बचाव दल सतत् निगरानी रखे हुए हैं और प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
भारी बारिश और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाएं पहाड़ी राज्यों में हर साल जीवन और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। सिक्किम में दरका पहाड़ पर भूस्खलन ने एक बार फिर यह सच सामने ला दिया है कि सुरक्षा के लिए सतर्कता और प्रभावी बचाव कार्य कितने जरूरी हैं। आने वाले दिनों में मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेना होगा ताकि और ज्यादा जान-माल का नुकसान रोका जा सके।
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