NHM Staff Strike Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर राज्य सरकार ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 16 सितंबर तक ड्यूटी पर नहीं लौटने वाले कर्मचारियों को बर्खास्त कर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।

हड़ताल पर अड़े कर्मचारियों को अल्टीमेटम
चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार बाधा बन रही इस हड़ताल को देखते हुए, सरकार ने अल्टीमेटम देते हुए साफ कहा है कि जो कर्मचारी तय समय तक काम पर नहीं लौटते, उनके स्थान पर नए कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। सरकार का यह कदम लंबे समय से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे NHM कर्मचारियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

नई भर्ती की तैयारी शुरू
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि कर्मचारी 16 सितंबर तक ड्यूटी पर नहीं लौटते हैं, तो बिना किसी और चेतावनी के उनकी सेवाएं समाप्त मानी जाएंगी। इसके साथ ही विभाग ने नई भर्ती प्रक्रिया की रूपरेखा भी तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में उत्पन्न हो रही रिक्तता को तुरंत भरा जा सके।
कर्मचारियों की नाराजगी चरम पर
NHM कर्मचारी अपनी नियमितीकरण, वेतन विसंगति और सेवा शर्तों को लेकर बीते 28 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। पूरे प्रदेश के 33 जिलों में हड़ताल जारी है और कर्मचारी अब इच्छा मृत्यु की मांग तक कर चुके हैं। उन्होंने राज्यपाल के नाम ज्ञापन तैयार कर लिया है और राजधानी रायपुर में बड़ी रैली निकालने की योजना बनाई है।
मंत्री के बयान से और भड़के कर्मचारी
प्रदेश के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा दिए गए बयान जिसमें उन्होंने “नई भर्ती कर युवाओं को मौका देने” की बात कही, उससे NHM कर्मचारियों की नाराजगी और बढ़ गई है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल का कहना है कि कर्मचारियों की 5 मांगों पर सहमति बनी है, परंतु कर्मचारी मौखिक नहीं, लिखित आश्वासन चाहते हैं।
क्या कहता है सरकार का रुख?
राज्य सरकार का मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा डालना जनता के जीवन से खिलवाड़ के बराबर है और किसी भी स्थिति में इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। सरकार का यह कदम प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं बनाए रखने और नए युवाओं को अवसर देने के रूप में देखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ में NHM कर्मचारियों की हड़ताल अब टकराव के मोड़ पर पहुंच चुकी है। जहां एक ओर कर्मचारी लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हैं, वहीं सरकार ड्यूटी बहाली या बर्खास्तगी के दो टूक विकल्प पर कायम है। आने वाले कुछ दिन प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और कर्मचारियों के भविष्य के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।
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