Robert Redford Death: हॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। ऑस्कर विजेता अभिनेता, निर्देशक और एक्टिविस्ट रॉबर्ट रेडफोर्ड ने 89 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। उन्होंने मंगलवार, 16 सितंबर 2025 को यूटा स्थित अपने घर में दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की खबर से ग्लोबल सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। सिनेमा का चमकता सितारा बुझा रॉबर्ट रेडफोर्ड सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक सदी के सिनेमाई बदलावों के साक्षी और भागीदार थे। करीब 60 सालों तक चले फिल्मी करियर में उन्होंने एक्टिंग, निर्देशन और प्रोडक्शन से हॉलीवुड को नई दिशा दी। 1967 में फिल्म ‘बेयरफुट इन द पार्क’ से उन्होंने बड़े पर्दे पर अपनी शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कई आइकॉनिक फिल्मों में अभिनय किया और दुनिया भर में लोकप्रियता हासिल की। प्रसिद्ध फिल्में और योगदान रेडफोर्ड की कुछ सबसे मशहूर फिल्मों में शामिल हैं: ‘बुच कैसिडी एंड द सनडांस किड’ (1969) ‘द स्टिंग’ (1973) ‘ऑल द प्रेसिडेंट्स मेन’ (1976) ‘ऑर्डिनरी पीपल’ (1980) – जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का ऑस्कर अवॉर्ड मिला। उन्होंने 2019 में मार्वल स्टूडियोज की फिल्म ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ में कैमियो करके अपने फैंस को एक आखिरी बार स्क्रीन पर नजर आए। सनडांस फिल्म फेस्टिवल के संस्थापक रॉबर्ट रेडफोर्ड को सिनेमा की नई पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शक भी माना जाता है। उन्होंने ‘सनडांस फिल्म फेस्टिवल’ की स्थापना की, जो आज इंडी फिल्ममेकर्स का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। उनके प्रयासों से सैकड़ों युवा फिल्मकारों को पहचान और मंच मिला। एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पहचान रेडफोर्ड एक एक्टिव पर्यावरणविद् और LGBTQ अधिकारों के समर्थक भी थे। उन्होंने समाज में बदलाव लाने के लिए अपने स्टारडम का इस्तेमाल किया और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर आवाज उठाई। उनका व्यक्तित्व हमेशा प्रेरणादायक रहा। रॉबर्ट रेडफोर्ड का जाना सिर्फ एक अभिनेता का जाना नहीं, बल्कि एक युग का अंत है। उन्होंने सिनेमा को न सिर्फ मनोरंजन का माध्यम बनाया, बल्कि उसे विचार और बदलाव का जरिया भी बनाया। उनकी फिल्मों, सोच और सामाजिक योगदान की विरासत आने वाली पीढ़ियों को मार्ग दिखाती रहेगी। दुनिया आज एक सच्चे कलाकार और इंसान को अलविदा कह रही है। Read More : Love Story News: बरेली में रिश्तों का उलझा प्रेम प्रसंग, जीजा-साली और बहन-साले की प्रेम कहानी बनी चर्चा का विषय














