Uttarakhand Cloudburst:उत्तराखंड में फिर बरपा प्रकृति का कहर, चमोली में बादल फटा, 6 मकान तबाह, 5 लोग लापता

Uttarakhand Cloudburst: उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने तबाही मचाई है। बुधवार को चमोली जिले के नंदानगर ब्लॉक में बादल फटने की घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। वार्ड कुन्तरि लगाफाली में तेज सैलाब की चपेट में आकर 6 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं, जबकि 5 लोग अब भी लापता हैं। राहत की बात यह रही कि 2 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। एनडीआरएफ की टीम को गोचर से रवाना कर दिया गया है और स्थानीय प्रशासन व आपदा प्रबंधन टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने की त्वरित कार्रवाई चमोली में आपदा की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल मेडिकल टीम और तीन एम्बुलेंस मौके पर भेज दी हैं। क्षेत्र के धुर्मा गांव में भी भारी बारिश से 4-5 मकानों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, वहां से कोई जनहानि की सूचना नहीं मिली है। मोक्ष नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। देहरादून समेत कई क्षेत्रों में भारी तबाही इससे पहले मंगलवार को राजधानी देहरादून, मसूरी, पिथौरागढ़ और टिहरी समेत कई हिस्सों में मूसलधार बारिश और बादल फटने की घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 लोग लापता बताए जा रहे हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में फंसे 900 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि कुल रेस्क्यू संख्या 1,000 के पार पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री धामी ने की आपात समीक्षा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को राज्य की आपात स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि “प्राथमिकता अब सड़कों, बिजली लाइनों की मरम्मत और प्रभावितों के पुनर्वास की है। राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।” धामी ने बताया कि 85% से अधिक बिजली लाइनों की मरम्मत हो चुकी है और शेष कार्य एक-दो दिन में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने सीमा सड़क संगठन (BRO) से बात कर नरेन्द्रनगर-टिहरी मार्ग की मरम्मत जल्द कराने के निर्देश भी दिए। 5 पुल बह गए, दर्जनों सड़कें ठप आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि अब तक की जानकारी के अनुसार,10 से अधिक सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं।इनमें से कम से कम 5 पुल पूरी तरह बह गए हैं।सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके सहस्रधारा, प्रेमनगर, मसूरी, पौड़ी, पिथौरागढ़ और नैनीताल हैं।लगातार बारिश के चलते राहत कार्यों में बड़ी चुनौती सामने आ रही है। फिर भी राज्य सरकार, NDRF और SDRF की टीमें राहत व बचाव में लगातार जुटी हैं। Read More: Rahul Gandhi News: वोट चोरी पर राहुल गांधी फोड़ेंगे ‘हाइड्रोजन बम’? आज 10 बजे करेंगे बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस

Uttarakhand Cloudburst: उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने तबाही मचाई है। बुधवार को चमोली जिले के नंदानगर ब्लॉक में बादल फटने की घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। वार्ड कुन्तरि लगाफाली में तेज सैलाब की चपेट में आकर 6 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं, जबकि 5 लोग अब भी लापता हैं। राहत की बात यह रही कि 2 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। एनडीआरएफ की टीम को गोचर से रवाना कर दिया गया है और स्थानीय प्रशासन व आपदा प्रबंधन टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं।

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स्वास्थ्य विभाग ने की त्वरित कार्रवाई

चमोली में आपदा की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल मेडिकल टीम और तीन एम्बुलेंस मौके पर भेज दी हैं। क्षेत्र के धुर्मा गांव में भी भारी बारिश से 4-5 मकानों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, वहां से कोई जनहानि की सूचना नहीं मिली है। मोक्ष नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

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देहरादून समेत कई क्षेत्रों में भारी तबाही

इससे पहले मंगलवार को राजधानी देहरादून, मसूरी, पिथौरागढ़ और टिहरी समेत कई हिस्सों में मूसलधार बारिश और बादल फटने की घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 लोग लापता बताए जा रहे हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में फंसे 900 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि कुल रेस्क्यू संख्या 1,000 के पार पहुंच चुकी है।

मुख्यमंत्री धामी ने की आपात समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को राज्य की आपात स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि “प्राथमिकता अब सड़कों, बिजली लाइनों की मरम्मत और प्रभावितों के पुनर्वास की है। राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।” धामी ने बताया कि 85% से अधिक बिजली लाइनों की मरम्मत हो चुकी है और शेष कार्य एक-दो दिन में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने सीमा सड़क संगठन (BRO) से बात कर नरेन्द्रनगर-टिहरी मार्ग की मरम्मत जल्द कराने के निर्देश भी दिए।

5 पुल बह गए, दर्जनों सड़कें ठप

आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि अब तक की जानकारी के अनुसार,10 से अधिक सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं।इनमें से कम से कम 5 पुल पूरी तरह बह गए हैं।सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके सहस्रधारा, प्रेमनगर, मसूरी, पौड़ी, पिथौरागढ़ और नैनीताल हैं।लगातार बारिश के चलते राहत कार्यों में बड़ी चुनौती सामने आ रही है। फिर भी राज्य सरकार, NDRF और SDRF की टीमें राहत व बचाव में लगातार जुटी हैं।

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