Kolkata Heavy Rain: कोलकाता में आधी रात से जारी भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही बरसात के कारण राज्य के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे सड़कें, मेट्रो और रेल सेवाएं बाधित हो रही हैं। सुबह से ही शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या गंभीर हो गई है, जिससे आम लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के साथ बिजली गुल होने और बिजली के करंट से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जो एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है।

ममता बनर्जी ने जताया दुख, की केंद्र पर गंभीर टिप्पणी
राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति अत्यंत गंभीर है, इसलिए उन्होंने सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों की छुट्टी का ऐलान किया है। साथ ही, सभी सरकारी और निजी कर्मचारियों से घर पर रहने की अपील की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

सीएम ममता ने केंद्र सरकार पर भी तंज कसते हुए कहा कि हाल ही में जीएसटी (GST) में बदलाव के कारण राज्य सरकार के वित्तीय संसाधनों में कटौती हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कटौती के चलते आपदा प्रबंधन के लिए उपलब्ध बजट में कमी आई है, जिससे ऐसी आपातकालीन स्थितियों से निपटना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
ममता ने कहा, “GST के बदलावों ने हमारे राज्य के फंड्स को नुकसान पहुंचाया है, जो कि आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए जरूरी थे।” इस पर उन्होंने केंद्र की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि इस प्रकार की कटौती से राज्य सरकार की प्राथमिकताएं प्रभावित हो रही हैं।

बिजली कंपनी CESC पर कड़ी नाराजगी
मुख्यमंत्री ने बिजली कंपनी CESC को भी जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति का आधुनिकीकरण उनकी जिम्मेदारी है और इसे शीघ्र पूरा करना होगा ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जिन परिवारों ने बिजली हादसों में अपने प्रियजनों को खोया है, उन्हें CESC में नौकरी दी जाए, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें।

फरक्का बैरिज की सफाई न होने से हो रहा जलभराव
ममता ने फरक्का बैरिज की सफाई न होने को भी एक बड़ी वजह बताया है, जिससे बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, मुंबई जैसे राज्यों में हुई भारी बारिश का प्रभाव यहां कोलकाता में भी जलभराव के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह लंबित सफाई कार्य बारिश के पानी के निकास में बाधा उत्पन्न कर रहा है।

दुर्गा पूजा पंडाल और शैक्षणिक संस्थानों पर प्रभाव
बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में पानी भर जाने से दुर्गा पूजा के पंडालों को भी भारी नुकसान हुआ है। कई पंडालों के अंदर भी पानी घुस गया है, जिससे उत्सव में बाधा आई है। इसके अलावा, कोलकाता यूनिवर्सिटी में होने वाले दुर्गा पूजा से जुड़े इवेंट को भी रद्द कर दिया गया है क्योंकि कॉलेज परिसर में भी पानी भर चुका है।

राज्य प्रशासन की सतर्कता और प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वे पुलिस, मेयर और मुख्य सचिव के संपर्क में हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। उन्होंने जनता से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील की है और कहा कि राज्य सरकार हर संभव मदद उपलब्ध कराएगी।
कोलकाता में हो रही इस भारी बारिश ने न केवल सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि त्योहारों और आर्थिक गतिविधियों पर भी गंभीर असर डाला है। इस बीच, राज्य सरकार और प्रशासन के प्रयासों के बावजूद, केंद्र सरकार से सहयोग और वित्तीय सहायता की आवश्यकता स्पष्ट होती जा रही है।
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