Mahatari Sadan Yojana: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण को लेकर शुरू की गई “महतारी सदन योजना” अब जमीनी हकीकत बन गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 23 सितंबर को धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के करेली बड़ी गांव से एक साथ 51 महतारी सदनों का लोकार्पण कर इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की। खास बात यह है कि यह योजना नवरात्रि जैसे पावन अवसर पर शुरू की गई है, जिसे महिलाओं की शक्ति और सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।

क्या है महतारी सदन योजना?
महतारी सदन योजना का उद्देश्य गांव-गांव में महिलाओं के लिए एक ऐसा साझा मंच तैयार करना है, जहां वे न केवल सामाजिक रूप से जुड़ें, बल्कि आर्थिक, तकनीकी और शैक्षणिक रूप से भी आत्मनिर्भर बन सकें। यह सदन महिला स्व-सहायता समूहों के लिए प्रशिक्षण, उत्पाद निर्माण और विपणन जैसे कार्यों में भी उपयोगी साबित होंगे।

सीएम साय का विजन: महिला-केंद्रित विकास मॉडल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम के दौरान कहा:”महतारी सदन केवल एक भवन नहीं, बल्कि माताओं-बहनों की शक्ति, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया केंद्र है। यह छत्तीसगढ़ को महिला-केंद्रित विकास का आदर्श राज्य बनाएगा।”उन्होंने यह भी कहा कि इन सदनों में सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, हस्तशिल्प, कृषि आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल साक्षरता जैसे विविध कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इससे महिलाओं को घरेलू आय बढ़ाने, नए उद्यम शुरू करने और समुदाय में नेतृत्व की भूमिका निभाने का मौका मिलेगा।
इन विशेषताओं से लैस है महतारी सदन:
कुल लागत: लगभग ₹2.10 करोड़
निर्माण क्षेत्रफल: लगभग 2500 वर्गफुट
प्रमुख सुविधाएं:हॉल,कमरा,रसोई,भंडारण कक्ष,शौचालय,बरामदा,ट्यूबवेल एवं जल संचयन प्रणाली,सामुदायिक शौचालय,यह सुविधाएं सुनिश्चित करती हैं कि महिलाएं स्वच्छ, सुरक्षित और अनुकूल वातावरण में काम कर सकें।
क्यों खास है यह योजना?
ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा सामूहिक मंच,स्वरोजगार और लघु उद्योगों को बढ़ावा,शिक्षा और प्रशिक्षण के नए अवसर,आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम,डिजिटल साक्षरता से तकनीकी जागरूकता,राज्य सरकार की योजना है कि आने वाले समय में हर विकासखंड और हर पंचायत स्तर पर ऐसे महतारी सदन तैयार किए जाएं, जिससे महिलाओं की सक्रिय भागीदारी शासन, समाज और अर्थव्यवस्था में और बढ़े।
महतारी सदन योजना, छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह योजना केवल महिलाओं के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के समग्र विकास के लिए एक मॉडल पहल साबित हो सकती है। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में यह कदम राज्य को महिला सशक्तिकरण के नए युग में प्रवेश दिला रहा है।











