CBDT Audit Deadline 2025: आयकरदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने मूल्यांकन वर्ष 2025-26 के लिए ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब करदाता विभिन्न प्रकार की ऑडिट रिपोर्ट 30 सितंबर 2025 के बजाय 31 अक्टूबर 2025 तक दाखिल कर सकेंगे। यह फैसला आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के स्पष्टीकरण 2 के खंड (ए) के अंतर्गत आने वाले करदाताओं के लिए लिया गया है।

किन करदाताओं को मिलेगा लाभ?
यह तिथि-विस्तार उन करदाताओं के लिए लागू है जिन्हें आयकर कानून के तहत ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करना अनिवार्य है। इनमें वे व्यक्ति, फर्म या कंपनियाँ शामिल हैं जिनका वार्षिक टर्नओवर एक निर्धारित सीमा से अधिक है या फिर जिन पर आयकर अधिनियम की धारा 44AB के तहत ऑडिट कराना आवश्यक है।

क्यों बढ़ाई गई तिथि?
CBDT ने यह निर्णय करदाताओं और टैक्स प्रोफेशनल्स से मिले अनुरोधों के बाद लिया है। विभिन्न चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थानों और कर सलाहकार संगठनों ने बोर्ड से यह मांग की थी कि ऑडिट से जुड़ी जटिलताओं, सॉफ़्टवेयर समस्याओं और समय की कमी को देखते हुए अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया जाए।
CBDT का आधिकारिक बयान
CBDT ने अपने आधिकारिक आदेश में कहा है कि करदाताओं को राहत देने और ऑडिट रिपोर्ट की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह समय-सीमा बढ़ाई जा रही है। इससे करदाताओं को आवश्यक अनुपालन पूरा करने में सुविधा होगी और वे बिना किसी दबाव के सही जानकारी समय पर दाखिल कर सकेंगे।
क्या IT रिटर्न की तिथि भी बढ़ेगी?
फिलहाल केवल ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की तिथि को बढ़ाया गया है। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि को लेकर कोई नई घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, आमतौर पर ऑडिट रिपोर्ट की तिथि बढ़ने के बाद ITR की तारीख पर भी विचार होता है, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय CBDT द्वारा बाद में लिया जा सकता है।
टैक्स प्रोफेशनल्स की प्रतिक्रिया
देशभर के टैक्स सलाहकारों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने CBDT के इस कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह फैसला ना केवल अनुपालन को आसान बनाएगा, बल्कि इससे करदाताओं को भी बेहतर सुविधा मिलेगी।
अगर आप उन करदाताओं में शामिल हैं जिन्हें ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करनी है, तो अब आपके पास 31 अक्टूबर 2025 तक का समय है। समय पर फाइलिंग कर के आप पेनल्टी और कानूनी जटिलताओं से बच सकते हैं।











