US Pakistan relations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार, 25 सितंबर 2025 को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से ओवल ऑफिस में मुलाकात करेंगे। यह बैठक शाम 4:30 बजे (EST) निर्धारित की गई है, जो भारतीय समयानुसार शुक्रवार सुबह 2 बजे होगी। यह मुलाकात तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान से ट्रंप की बैठक और लंच के बाद होगी। ट्रंप का पुराना रुख और नया अंदाज ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में पाकिस्तान को ‘आतंकी ठिकाना’ और ‘अमेरिका को धोखा देने वाला देश’ करार दिया था। जनवरी 2018 में उन्होंने ट्विटर पर लिखा था कि अमेरिका ने पाकिस्तान को 15 सालों में 33 अरब डॉलर की मदद दी, लेकिन बदले में केवल “झूठ और फरेब” मिला। नवंबर 2018 में ट्रंप ने पाकिस्तान को दी जाने वाली मदद रोकने की भी घोषणा की थी। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। पाकिस्तान ने ट्रंप को खनिज संपदा, क्रिप्टो डील, और यहां तक कि ‘नोबेल पुरस्कार’ तक की पेशकश की है। इसी वजह से ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय तय किया है, जो एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। पाकिस्तान से लगातार बढ़ते संपर्क पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को न्यूयॉर्क में इस्लामिक-अरब देशों के नेताओं के साथ बैठक के दौरान ट्रंप से बातचीत की थी। इसके अलावा, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर दो बार अमेरिका दौरे पर गए और उन्हें व्हाइट हाउस में लंच का न्योता भी मिला। आसिम मुनीर ने ट्रंप से भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराने के लिए नोबेल पुरस्कार देने की मांग भी की थी। अमेरिकी हित: खनिज संसाधन और अफगानिस्तान अमेरिका चीन पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए दुर्लभ खनिजों की तलाश में है। इसी संदर्भ में मिसौरी स्थित यूएस स्ट्रैटेजिक मेटल्स ने पाकिस्तान की नेशनल लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के साथ 500 मिलियन डॉलर का करार किया है। इस समझौते के तहत कोबाल्ट, निकल, कॉपर और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की माइनिंग और रीसाइक्लिंग की जाएगी। साथ ही, अफगानिस्तान में अमेरिका की सैन्य रणनीति के तहत पाकिस्तान को बगराम एयरबेस तक पहुंच का ‘गेटवे’ माना जा रहा है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम है। अमेरिकी मीडिया की प्रतिक्रियाएं ट्रंप के पुराने दावों और नए कदमों पर अमेरिकी मीडिया ने भी प्रतिक्रियाएं दी हैं। मशहूर लेट-नाइट शो के होस्ट स्टीफन कोलबर्ट ने ट्रंप के दावों पर तंज कसा और कहा, “ट्रंप कहते हैं कि उन्होंने सात महीने में सात युद्ध खत्म किए। यह वैसा ही है जैसे मैं कहूं कि मैंने सात बर्गर खाकर सात किलो वजन घटा लिया।” डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की यह मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों में नए बदलाव का संकेत है। जहां एक ओर ट्रंप ने पहले पाकिस्तान पर कड़ी टिप्पणियां की थीं, वहीं अब दोनों पक्ष आर्थिक और रणनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए रिश्तों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। खनिज संसाधनों के समझौतों और अफगानिस्तान से जुड़ी रणनीतियों के चलते यह बैठक क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक राजनीति में अहम भूमिका निभा सकती है। Read More : Brazilian school shooting: ब्राजील के स्कूल में शूटआउट, 2 छात्रों की मौत, ड्रग्स कनेक्शन की आशंका














