Chhattisgarh monsoon: छत्तीसगढ़ में मानसून जाते-जाते अब अपना अंतिम तांडव दिखा रहा है। प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश से जन-जीवन प्रभावित हो गया है। राजधानी रायपुर समेत कई क्षेत्रों में दो दिनों से लगातार खंड-खंड बारिश हो रही है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और ठंड का एहसास धीरे-धीरे होने लगा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है।

बंगाल की खाड़ी में बना नया निम्न दबाव, बारिश का खतरा बढ़ा
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बन रहा है, जिसका प्रभाव अगले 24 घंटों में छत्तीसगढ़ पर दिख सकता है। इससे प्रदेश के रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, दुर्ग, कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर और राजनांदगांव सहित कुल 9 जिलों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं, मोहला, मानपुर और अंबागढ़ चौकी जिलों के कुछ हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज बारिश की संभावना भी जताई है, जिसके चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मानसून की विदाई पर बरसात का कहर
मौसम विभाग ने बताया है कि मानसून अब अपनी विदाई की ओर बढ़ रहा है, लेकिन जाते-जाते भी यह प्रदेश में भारी बारिश और तांडव मचा सकता है। आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बन सकती है। इस कारण मौसम विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे बिना अत्यावश्यक कारण घर से बाहर न निकलें।
विशेष रूप से जो लोग बारिश के समय बाहर हों, उन्हें खुले स्थानों से दूर रहने और बिजली गिरने की स्थिति में सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। किसानों को भी खेतों में कार्य करते समय सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

जनजीवन प्रभावित, कई जगह जलभराव
राजधानी रायपुर के साथ-साथ प्रदेश के कई ग्रामीण इलाकों में लगातार बारिश के कारण जलभराव हो गया है। निचले इलाकों में पानी जमा होने से आवागमन बाधित हुआ है और स्कूल-कॉलेजों में भी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होने के कारण वाहनों की धीमी चाल देखी जा रही है।
पानी की निकासी के लिए स्थानीय प्रशासन ने अतिरिक्त इंतजाम किए हैं, लेकिन भारी बारिश के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है। इसलिए, जनता से विशेष सावधानी बरतने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने का अनुरोध किया गया है।
भविष्यवाणी और सावधानी
मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, शुक्रवार और आगामी 2-3 दिन प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। साथ ही तापमान में कमी के साथ ठंड का प्रभाव भी बढ़ेगा। मानसून के अंतिम चरण में इस तरह की सक्रियता सामान्य मानी जाती है, परंतु इस बार बारिश की तीव्रता के चलते सावधानी आवश्यक हो गई है।
मौसम विभाग ने बार-बार यह चेतावनी दी है कि बारिश और बिजली गिरने के समय खुले मैदान, पेड़ के नीचे या ऊंची जगहों पर जाने से बचें। साथ ही, नदी-नाले के पास जाने से बचाव करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।











