Balrampur teacher abuse: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाली एक गंभीर घटना प्रकाश में आई है। वाड्रफनगर विकासखंड के झोर पारा स्थित सरकारी माध्यमिक शाला में 7वीं कक्षा की एक छात्रा ने अपने ही शिक्षक पर लंबे समय से बैड टच करने का आरोप लगाया है। इस घटना ने न केवल छात्रा के परिवार को बल्कि पूरे जिले के लोगों को सदमा पहुंचाया है। छात्रा ने स्कूल जाना छोड़ दिया पीड़ित छात्रा ने बताया कि शिक्षक घुरन पटेल द्वारा लंबे समय से उसकी शारीरिक छेड़छाड़ की जा रही थी। इस मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न से वह बेहद परेशान हो गई और अंततः स्कूल जाना बंद कर दिया। इसके कारण वह अपनी त्रैमासिक परीक्षा भी नहीं दे सकी। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब छात्रा ने अपनी बड़ी बहन को सारी बातें बताईं। इस तरह परिवार को भी इस दर्दनाक सत्य का पता चला। परिवार ने की न्याय की मांग छात्रा के परिजन ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि मासूम बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित हो और शिक्षक को उचित सजा मिले। परिवार का आरोप है कि घटना की सूचना मिलने के बाद भी संबंधित अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई नहीं की, जिससे उनका भरोसा प्रशासन पर उठ गया है। शिक्षा विभाग की लापरवाही पर सवाल यह मामला शिक्षा विभाग की लापरवाही को भी उजागर करता है। बताया गया है कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी को शिक्षक की अशिष्ट हरकतों की जानकारी थी, लेकिन FIR दर्ज कराने में देरी हुई। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाला विभाग कब तक मासूमों की सुरक्षा में चूक करता रहेगा। पुलिस ने दर्ज की FIR, आरोपी फरार मीडिया की सक्रियता के बाद पुलिस ने शिक्षक घुरन पटेल के खिलाफ बाल संरक्षण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है। हालांकि, आरोपी शिक्षक अब तक फरार है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए सक्रियता से प्रयास कर रही है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की है। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा आवश्यक शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम और शिक्षक चयन प्रक्रिया में कड़ी पृष्ठभूमि जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही बच्चों को भी ऐसी स्थिति में अपनी बात कहने और सहायता लेने की जानकारी और हिम्मत दी जानी चाहिए। इससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है। बलरामपुर के इस मामले ने शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन, शिक्षा विभाग और पुलिस को मिलकर ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने होंगे। बच्चों के सुरक्षित और सकारात्मक भविष्य के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा दी जाए और स्कूलों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। Read More: Gopal Verma initiative: कवर्धा सब्जी बाजार में यातायात सुधार की दिशा में कलेक्टर गोपाल वर्मा की बड़ी पहल














