Karur Accident: तमिलनाडु के करूर जिले में शनिवार को अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) की रैली में भीषण भगदड़ मच गई। इस हादसे में अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 8 बच्चे और 16 महिलाएं शामिल हैं, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हैं। घायलों का इलाज करूर, तिरुचिरापल्ली और सलेम के अस्पतालों में जारी है।

क्यों मची भगदड़?
भीड़ में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब मंच से विजय ने 9 साल की एक बच्ची के गुम होने की सूचना दी और पुलिस से उसे खोजने की अपील की। अचानक हुई इस घोषणा से लोग घबरा गए और भगदड़ की स्थिति बन गई। भीड़ का आकार बेहद बड़ा था — जहां 10,000 लोगों की अनुमति थी, वहां 1.2 लाख से ज्यादा लोग पहुंच गए थे।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हादसे पर दुख जताते हुए लिखा, “करूर में हुई भगदड़ में जान-माल की हानि से गहरा दुःख हुआ। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “तमिलनाडु के करूर में राजनीतिक रैली के दौरान हुई दुखद घटना बेहद पीड़ादायक है। पीड़ित परिवारों को मेरी संवेदनाएं, और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं
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राहुल गांधी ने कहा, “इस त्रासदी में जिन लोगों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता पीड़ितों की मदद करें।”
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प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “हृदय विदारक हादसा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आग्रह है कि राहत कार्यों में सहयोग करें।”
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मल्लिकार्जुन खरगे ने भी दुख जताते हुए कहा कि “यह हादसा अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम हर पीड़ित के साथ हैं।”
मुख्यमंत्री स्टालिन कल जाएंगे करूर
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने हादसे को “चिंताजनक” बताते हुए कहा कि वे रविवार को करूर जाकर पीड़ितों से मिलेंगे। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपए मुआवजे और घायलों को 1 लाख रुपए की सहायता राशि देने का ऐलान किया है।
सीएम स्टालिन ने त्वरित राहत के लिए स्वास्थ्य मंत्री एम.ए. सुब्रमणियन, शिक्षा मंत्री अंबिल महेश और जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए। साथ ही आसपास के जिलों से मेडिकल टीम भेजी गई है।
विजय की ओर से मानवीय पहल
रैली में मौजूद विजय ने मंच से एंबुलेंस के लिए रास्ता बनाने की अपील की और लोगों को पानी की बोतलें पहुंचाईं। उन्होंने भाषण बीच में ही छोटा किया और लोगों से संयम रखने की अपील की। हादसे के बाद विजय तुरंत मंच से नीचे उतर आए।करूर की यह भयावह घटना तमिलनाडु की राजनीति में एक काले दिन के रूप में दर्ज हो गई है। यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही और भीड़ प्रबंधन की विफलता की ओर भी इशारा करता है। भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए कड़े उपाय और सुरक्षा मानकों की आवश्यकता है।










