HSRP Rule Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) नियम लागू हुए करीब साढ़े पांच साल हो चुके हैं, लेकिन दुर्ग जिले में अभी तक सरकारी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पुलिस विभाग की कई गाड़ियों में यह अनिवार्य नंबर प्लेट नहीं लगी है। नियम के अनुसार 1 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों पर HSRP लगाना जरूरी है, लेकिन दुर्ग समेत पूरे प्रदेश में इसका अनुपालन बेहद कम देखने को मिल रहा है।

दुर्ग जिले में अधिकारियों की गाड़ियों में भी नहीं लगी HSRP
संयुक्त कलेक्टर, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त, नगर निगम सभापति, भिलाई निगम के अपर आयुक्त, एसडीएम, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, पुलिस के ज्यादातर वाहन और यहां तक कि डीएफओ की गाड़ियों में भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी है। यह स्थिति नियमों की धज्जियां उड़ाती हुई नजर आ रही है और सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।

प्रदेश में HSRP का अनुपालन न के बराबर
छत्तीसगढ़ में लगभग 52 लाख 48 हजार पुराने वाहनों में से केवल 7 लाख 9 हजार वाहनों पर ही HSRP लगाई गई है। यानी कुल वाहनों का केवल 13.52% हिस्सा ही नियम का पालन कर रहा है। दुर्ग जिले में स्थिति थोड़ी बेहतर है, जहां 6 लाख 16 हजार पुराने वाहनों में से 1 लाख 27 हजार पर ही HSRP लगी है, जो लगभग 20.73% है। इसके बावजूद बाकी 80% वाहन बिना HSRP के सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
जुर्माना और कार्रवाई की चेतावनी
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने की स्थिति में 500 से 10 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग दोनों इस नियम का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कर सकते हैं। बावजूद इसके, नियम के प्रति लोगों की जागरूकता और विभागीय तत्परता में कमी के कारण अभी तक व्यापक रूप से नियम लागू नहीं हो पाया है।
मैनपॉवर की कमी को वजह बताकर टाल-मटोल
अधिकारी मैनपॉवर की कमी को धीमी प्रगति का कारण बता रहे हैं। हालांकि, सवाल यह उठता है कि जब खुद उच्च पदस्थ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की गाड़ियों में नियम का पालन नहीं हो रहा है तो आम जनता से कड़ाई से पालन करवाना कितना संभव है।
अन्य जिलों की तुलना में दुर्ग की स्थिति बेहतर
दुर्ग के बाद रायपुर में 17.34%, बिलासपुर में 11.84%, राजनांदगांव में 11.29%, अंबिकापुर में 3.47% और रायगढ़ में मात्र 3.68% पुराने वाहनों पर HSRP लगी है। ये आंकड़े 17 सितंबर 2025 तक के हैं, जो प्रदेश में इस नियम के व्यापक उल्लंघन को दर्शाते हैं।
टीएल मीटिंग में HSRP लगवाने पर होगी चर्चा
दुर्ग के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी एसएल लकड़ा ने बताया कि विभागीय और ट्रैफिक लायंसेंस (टीएल) की बैठक में अधिकारियों से कहा जाएगा कि वे अपने पुराने वाहनों में HSRP लगवाएं। साथ ही सभी सरकारी और वीआईपी वाहनों में भी HSRP लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।छत्तीसगढ़ में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने का नियम लागू हुए कई साल हो चुके हैं, लेकिन नियम का पालन न होना सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था दोनों के लिए चिंता का विषय है। दुर्ग जिले सहित प्रदेश के अन्य जिलों में विभागीय गंभीरता और जनजागरण की जरूरत है ताकि नियम का सही अनुपालन हो सके और सड़क सुरक्षा बेहतर हो।











