Mahasamund Ganja Taskari : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बड़ी कार्रवाई की है। बसना पुलिस और ANTF की संयुक्त टीम ने ओडिशा से गांजा लेकर आ रहे आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने पुलिस से बचने और कथित तौर पर सबूत मिटाने के लिए कार में रखी गांजे की बोरियों में आग लगा दी। इसके बाद आरोपी जंगल की ओर भागने लगे।
बलांगीर से गांजा लाने की मिली थी सूचना
पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा के बलांगीर इलाके से गांजा लेकर कुछ तस्कर छत्तीसगढ़ की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर बसना पुलिस और ANTF की टीम ने संदिग्ध मार्गों पर निगरानी बढ़ाई और नाकेबंदी की। पुलिस को आशंका थी कि तस्कर कार के जरिए गांजे की खेप को दूसरे राज्य में पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। इसके बाद टीम ने संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू कर दी।
नाकेबंदी देखकर कार लेकर भागने लगे आरोपी
पुलिस की नाकेबंदी देखकर काले रंग की वैगनआर कार में सवार आरोपियों ने वाहन मोड़ दिया और तेज रफ्तार से भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने तुरंत उनका पीछा शुरू किया। काफी दूर तक पीछा करने के बाद चोरभट्ठी से मेदनीपुर जाने वाले मार्ग पर पुलिस ने कार को रोक लिया। वाहन रुकने के बाद आरोपियों ने पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए एक और तरीका अपनाने की कोशिश की।
गांजे की बोरियों में आग लगाकर जंगल की ओर भागे
पुलिस के मुताबिक, पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने कार में रखी गांजे की बोरियों में आग लगा दी। इसके बाद वे वाहन छोड़कर जंगल की तरफ भागने लगे। पुलिस और ANTF की टीम ने आरोपियों का पीछा किया। इस दौरान दो आरोपियों को पकड़ लिया गया, जबकि एक आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। ग्रामीणों की सहायता से पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर अंदर लगी आग बुझाई।
कार से 28 किलो से ज्यादा गांजा बरामद
आग बुझाने के बाद पुलिस ने कार की तलाशी ली। वाहन की डिक्की से तीन अधजली प्लास्टिक बोरियां बरामद की गईं। जांच के दौरान इन बोरियों से कुल 28.465 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 14 लाख 23 हजार 250 रुपये बताई है। बरामद मादक पदार्थ को पुलिस ने कब्जे में लेकर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
शहडोल ले जाई जा रही थी गांजे की खेप
प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गांजा ओडिशा के बलांगीर निवासी विनोद राणा से खरीदा गया था। इसके बाद इस खेप को मध्यप्रदेश के शहडोल ले जाने की तैयारी थी। पुलिस अब गांजा सप्लाई करने वाले व्यक्ति और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि तस्करी का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला है।
दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरे की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में सुलभ सिंह परिहार और सागर कुशवाहा को गिरफ्तार किया है। वहीं शिवा सिंह नाम का आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों के अनुसार फरार आरोपी को जल्द पकड़ने के लिए स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को सक्रिय किया गया है।
NDPS Act और BNS के तहत मामला दर्ज
महासमुंद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स कानून यानी NDPS Act और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस जब्त गांजे, वाहन और आरोपियों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। साथ ही ओडिशा से छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश तक गांजा पहुंचाने वाले पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। इस कार्रवाई को अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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