Disha Salian Case : दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गया है। दिशा के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस दिया है। इसके बाद शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और इसे प्रचार हासिल करने की कोशिश बताया। सतीश सालियान शनिवार को अपने वकील के साथ उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री पहुंचे थे।
संजय राउत ने सतीश सालियान की कार्रवाई पर क्या कहा?
संजय राउत ने कहा कि दिशा सालियान की मौत बेहद दुखद घटना थी और शिवसेना (यूबीटी) इस घटना को लेकर संवेदनशील है। हालांकि, उन्होंने सतीश सालियान के मातोश्री पहुंचकर नोटिस देने की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। राउत ने इसे पब्लिसिटी स्टंट बताया और दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे राजनीतिक प्रभाव हो सकता है। उनके मुताबिक, किसी अन्य व्यक्ति द्वारा सतीश सालियान को प्रभावित किए जाने की संभावना है।
राउत ने बिना नाम लिए किस पर साधा निशाना?
राउत ने अपने बयान में बिना किसी का नाम लिए एक ऐसे व्यक्ति का जिक्र किया, जिसके बारे में उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे राजनीतिक साजिश हो सकती है। हालांकि, ये राउत के आरोप हैं और इस संबंध में स्वतंत्र रूप से कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए इन दावों को जांच के स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
सतीश सालियान ने क्यों भेजा 500 करोड़ का नोटिस?
रिपोर्टों के मुताबिक, सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे के सोशल मीडिया पोस्ट और दिशा सालियान मामले को लेकर दिए गए बयानों पर आपत्ति जताई है। नोटिस में इन टिप्पणियों को कथित तौर पर झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक बताया गया है। नोटिस के जरिए माफी, कथित टिप्पणियों को वापस लेने और 500 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की गई है।
आदित्य ठाकरे का दिशा सालियान मामले पर क्या कहना है?
आदित्य ठाकरे पहले ही दिशा सालियान से किसी भी तरह के संबंध से इनकार कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि वह दिशा सालियान से कभी नहीं मिले और उनके नाम को उनकी मौत से जोड़ने की कोशिशों को गलत बताया है। इस मामले में उनके पिता उद्धव ठाकरे ने भी अपने परिवार के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को लेकर कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI कर रही जांच
दिशा सालियान की जून 2020 में मुंबई के मालाड इलाके में एक इमारत से गिरने के बाद मौत हुई थी। शुरुआती जांच मुंबई पुलिस ने की थी। अब बॉम्बे हाईकोर्ट के 2 सितंबर 2026 के आदेश के बाद मामले की जांच सीबीआई कर रही है। अदालत ने सीबीआई को दिशा के पिता का बयान दर्ज करने और एफआईआर दर्ज कर जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिया था।
सीबीआई जांच में किन पहलुओं की पड़ताल होगी?
सीबीआई ने सितंबर 2026 में एफआईआर दर्ज कर दिशा सालियान की मौत से जुड़े घटनाक्रम की जांच शुरू की है। एफआईआर में आपराधिक साजिश समेत कई गंभीर धाराएं दर्ज की गई हैं। हालांकि, बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि जांच के दौरान पर्याप्त आधार मिलने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
मानहानि विवाद के बीच जांच पर टिकी नजर
500 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस और संजय राउत की प्रतिक्रिया ने दिशा सालियान केस को फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। एक तरफ परिवार की ओर से कानूनी कार्रवाई की गई है, वहीं दूसरी ओर ठाकरे गुट ने आरोपों पर आपत्ति जताई है। अब मामले में सीबीआई की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया से सामने आने वाले तथ्यों पर सभी की नजर बनी हुई है।
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