CG Congress : छत्तीसगढ़ कांग्रेस से जुड़ी बड़ी संगठनात्मक खबर सामने आई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने पार्टी से निष्कासित किए गए 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं का निष्कासन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद संबंधित नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए एक बार फिर कांग्रेस संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने का रास्ता साफ हो गया है। PCC ने यह आदेश प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति की 18 सितंबर को हुई बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर जारी किया है।
अनुशासन समिति की बैठक में मामलों पर हुई चर्चा
प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति की 18 सितंबर को हुई बैठक में पार्टी से जुड़े अनुशासनात्मक मामलों की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान निष्कासित नेताओं और कार्यकर्ताओं की पार्टी में वापसी से संबंधित विभिन्न प्रकरणों पर चर्चा हुई। विचार-विमर्श के बाद कुछ मामलों में निष्कासन समाप्त करने का निर्णय लिया गया। इसके आधार पर PCC ने अब औपचारिक आदेश जारी करते हुए 20 कांग्रेसजनों का निष्कासन खत्म कर दिया है।
रायपुर समेत पांच जिलों के कांग्रेसजनों को मिली राहत
जारी आदेश का लाभ छत्तीसगढ़ के पांच जिलों से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को मिला है। इनमें रायपुर, मुंगेली, गरियाबंद, कोंडागांव और राजनांदगांव जिले शामिल हैं। पार्टी की अनुशासन समिति ने संबंधित मामलों की समीक्षा करने के बाद यह फैसला लिया। निष्कासन रद्द होने के बाद इन नेताओं के लिए संगठन के भीतर दोबारा सक्रिय होने और पार्टी की गतिविधियों में भाग लेने की संभावनाएं खुल गई हैं।
रायपुर के कई नेताओं के नाम सूची में शामिल
निष्कासन रद्द किए गए कांग्रेस नेताओं की सूची में रायपुर से जुड़े कई नाम शामिल हैं। इनमें आनंद कुकरेजा, पूनम पांडेय और विशाल रजानी का नाम प्रमुख रूप से बताया गया है। पार्टी के आदेश के बाद इन नेताओं से जुड़े अनुशासनात्मक मामलों में फिलहाल निष्कासन की कार्रवाई समाप्त हो गई है। हालांकि, संबंधित नेताओं की आगे की संगठनात्मक भूमिका पार्टी के स्तर पर तय की जा सकती है।
मुंगेली और गरियाबंद के नेताओं को भी राहत
मुंगेली जिले से पार्षद विनय चोपड़ा का निष्कासन भी रद्द कर दिया गया है। वहीं गरियाबंद जिले से गोरेलाल सिन्हा, राधोवा महाड़िक, भविष्य प्रधान, ऋतिक सिन्हा और भानुप्रताप साहू समेत कई कांग्रेसजनों के नाम सूची में शामिल हैं। पार्टी के इस फैसले से इन नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए कांग्रेस संगठन में दोबारा सक्रिय होने का अवसर मिला है।
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कोंडागांव और राजनांदगांव से भी नाम शामिल
निष्कासन रद्द करने की प्रक्रिया में कोंडागांव जिले से सुशील सोनी का नाम सामने आया है। इसके अलावा राजनांदगांव समेत संबंधित जिलों के कुछ अन्य कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी इस निर्णय का लाभ मिला है। PCC के आदेश के अनुसार जिन लोगों का निष्कासन रद्द किया गया है, उनके खिलाफ पहले की गई निष्कासन कार्रवाई अब प्रभावी नहीं रहेगी।
PCC ने तत्काल प्रभाव से लागू किया फैसला
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अनुशासन समिति की 18 सितंबर की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार संबंधित कांग्रेसजनों का निष्कासन तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाता है। यानी समिति के फैसले को अब संगठनात्मक स्तर पर औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है। यह कदम पार्टी के भीतर लंबित अनुशासनात्मक मामलों की समीक्षा की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
36 मामलों पर हुई थी अनुशासन समिति में चर्चा
गौरतलब है कि 18 सितंबर को हुई अनुशासन समिति की बैठक में पार्टी में वापसी से जुड़े कुल 36 मामलों पर चर्चा हुई थी। इनमें से कुछ मामलों में निष्कासन समाप्त करने का निर्णय लिया गया, जबकि अन्य प्रकरणों पर आगे विचार किया जाना है। ऐसे में फिलहाल जारी आदेश 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं तक सीमित है। बाकी मामलों में पार्टी की अनुशासन समिति के स्तर पर आगामी निर्णय का इंतजार रहेगा।
संगठन में सक्रियता का रास्ता हुआ साफ
कांग्रेस द्वारा निष्कासन रद्द करने के इस फैसले से संबंधित नेताओं और कार्यकर्ताओं की संगठन में वापसी का रास्ता खुल गया है। हालांकि, पार्टी की ओर से अलग-अलग नेताओं की भविष्य की जिम्मेदारियों या पदों को लेकर इस आदेश में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। अब सभी की नजरें बाकी लंबित मामलों पर होने वाले फैसलों और छत्तीसगढ़ कांग्रेस के आगामी संगठनात्मक कदमों पर रहेंगी।
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