Chhattisgarh Weather alert: छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता एक बार फिर कहर बनकर टूटी है। बुधवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तेज बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों तक राज्य के 28 जिलों में तेज बारिश और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है।

गरियाबंद और रायगढ़ में मौतें
मिली जानकारी के अनुसार, गरियाबंद जिले में दो महिलाएं आकाशीय बिजली की चपेट में आ गईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। दोनों महिलाएं खेत में काम कर रही थीं तभी अचानक तेज बारिश के साथ बिजली गिरी।

वहीं, रायगढ़ जिले में भी दो युवक वज्रपात की चपेट में आ गए। यह घटना उस समय हुई जब युवक खुले मैदान में मौजूद थे। परिजनों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौसम विभाग का अलर्ट: अगले 3 दिन रहें सतर्क
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में 2 से 4 अक्टूबर के बीच भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की आशंका जताई है। विभाग ने कहा है कि विशेषकर उत्तर बस्तर, दुर्ग, बिलासपुर, रायपुर, रायगढ़, कोरबा, महासमुंद, गरियाबंद और बलरामपुर जैसे जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
राज्य प्रशासन और जिला कलेक्टरों ने लोगों से अपील की है कि:
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बिजली चमकने के दौरान खुले में न रहें।
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खेत, मैदान या ऊंची जगहों पर शरण न लें।
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पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
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बारिश और आंधी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाए रखें।
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निचले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
बीते कुछ वर्षों में बढ़ी हैं बिजली गिरने की घटनाएं
छत्तीसगढ़ समेत पूरे भारत में बिजली गिरने की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण वातावरण में नमी और तापमान के उतार-चढ़ाव से वज्रपात की घटनाएं तेज हो रही हैं।
राज्य सरकार ने हाल ही में वज्रपात से बचाव के लिए ‘दामिनी ऐप’ के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया है, जो लोगों को बिजली गिरने से पहले चेतावनी देता है।
पीड़ित परिवारों को मुआवजा
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी पीड़ित परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
प्राकृतिक आपदाएं कब और कैसे आ जाएं, कहा नहीं जा सकता। ऐसे में जरूरी है कि लोग प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और सतर्कता बरतें। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर जागरूकता अभियान चलाना समय की मांग है।










