Sane Takaiichi LDP: जापान के इतिहास में पहली बार एक महिला प्रधानमंत्री बनने की ओर कदम बढ़ा चुकी हैं। साने ताकाइची, जिन्हें जापान की ‘आयरन लेडी’ के नाम से जाना जाता है, ने लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के अध्यक्ष पद का चुनाव जीत लिया है। अब उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना बेहद प्रबल हो गई है, क्योंकि जापान में एलडीपी सत्ता में है और पार्टी अध्यक्ष ही आमतौर पर प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालता है। शिंजिरो कोइजुमी को हराकर रचा इतिहास साने ताकाइची ने इस चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री जुनिचिरो कोइजुमी के बेटे और वर्तमान पर्यावरण मंत्री शिंजिरो कोइजुमी को हराकर जीत दर्ज की। कोइजुमी को जापान के सबसे उदारवादी नेताओं में गिना जाता है, जबकि ताकाइची की छवि रूढ़िवादी और राष्ट्रवादी नेता की रही है। यह जीत केवल एक राजनीतिक पद की नहीं, बल्कि जापान की राजनीतिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी का ऐतिहासिक प्रतीक बन गई है। राजनीतिक अनुभव और कड़ा रुख ताकाइची पूर्व आंतरिक मामलों की मंत्री रह चुकी हैं और जापानी राजनीति में उनका अनुभव गहरा है। वे लंबे समय से सामरिक स्वावलंबन, राष्ट्रीय सुरक्षा और जापानी संस्कृति की रक्षा जैसे मुद्दों को मुखरता से उठाती रही हैं। उनके प्रधानमंत्री बनने से जापान की घरेलू और विदेश नीति दोनों में बड़े बदलावों की संभावना जताई जा रही है। अमेरिका के साथ संबंधों में मजबूती साने ताकाइची की अंतरराष्ट्रीय समझ और विशेष रूप से अमेरिका-जापान संबंधों पर पकड़ को उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है। वे अमेरिका में काम कर चुकी हैं और उनका कहना है कि वे अमेरिकी नेतृत्व के साथ व्यक्तिगत संबंध बनाने में सक्षम हैं। उनका ‘जापान फर्स्ट’ दृष्टिकोण अमेरिका के ‘अमेरिका फर्स्ट’ सिद्धांत से मेल खाता है, जिससे दोनों देशों के संबंध और प्रगाढ़ हो सकते हैं। चीन और दक्षिण कोरिया से रिश्ते बन सकते हैं चुनौतीपूर्ण हालांकि, ताकाइची का रूढ़िवादी और आक्रामक रुख पड़ोसी देशों के साथ तनाव का कारण बन सकता है। यासुकुनी तीर्थस्थल पर उनके समर्थन को चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देश युद्ध अपराधियों के महिमामंडन के रूप में देखते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची को राजनयिक संतुलन बनाकर चलना होगा, वरना क्षेत्रीय संबंधों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। साने ताकाइची की जीत ने जापान की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ ला दिया है। उनका नेतृत्व महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय स्वाभिमान और विदेश नीति के नए आयामों को छू सकता है। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि वे प्रधानमंत्री के रूप में कैसी भूमिका निभाती हैं और क्या जापान उनकी अगुवाई में नई वैश्विक पहचान हासिल कर पाएगा। Read More : BJP Leader Extortion: रेप केस’ की धमकी देकर वसूली करता पकड़ा गया भाजपा नेता, पुलिस ने छोड़ा, पीड़ित ने फिर की शिकायत
















