Bihar Elections 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों की घोषणा होते ही चुनावी माहौल गर्म हो गया है। इस बीच, राजद (RJD) के वरिष्ठ नेता मनोज झा ने चुनाव की शुरुआत को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज से बिहार में चुनाव का आगाज हो चुका है और साथ ही आचार संहिता भी लागू हो गई है।

मनोज झा का बयान – नफरत की भाषा पर रोक की मांग
मनोज झा ने कहा कि चुनाव आयोग को चाहिए कि वह आचार संहिता के तहत उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे, जो चुनाव प्रचार में नफरत की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उनका कहना है:“हमने चुनाव आयोग से कहा है कि जो भी नफरत की जुबान बोले, चाहे वह कितना भी उच्च पद पर क्यों न हो, उसे उसकी सजा मिलनी चाहिए।”उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज में नफरत फैलाकर चुनाव जीतने की कोशिश को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। झा ने कहा कि चुनावों में जहर फैलाने वाली भाषा पर रोक लगनी बेहद जरूरी है, ताकि लोकतंत्र की मर्यादा बनी रहे।

आचार संहिता लागू – चुनावी तनाव पर लगाम
बिहार में चुनावी प्रक्रिया अब पूरी तरह से आचार संहिता के तहत संचालित होगी। आचार संहिता लागू होने के साथ ही सभी पार्टियों और उम्मीदवारों के लिए नियम-कानून का पालन अनिवार्य हो जाता है। मनोज झा ने इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा कि:“आचार संहिता के लागू होने के बाद चुनावी प्रचार में अनुशासन बढ़ेगा और जनता को शांति के माहौल में मतदान करने का अवसर मिलेगा।”उन्होंने चुनाव आयोग के कड़े रुख का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने में मदद करेगा।
नफरत फैलाने वालों पर हो सख्त कार्रवाई
राजद नेता ने चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति या राजनीतिक दल चुनाव में धार्मिक, जातीय या सामाजिक नफरत फैलाने वाली भाषा का प्रयोग करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। मनोज झा ने कहा कि बिहार की जनता भी अब इस तरह की राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी और वे वोट के माध्यम से इस गलत रुख को खारिज करेंगे।उन्होंने कहा कि बिहार के मतदाता शांति, विकास और सुधार के लिए मतदान करेंगे, न कि नफरत और विभाजन के लिए। यही कारण है कि चुनाव आयोग को चाहिए कि वह ऐसे लोगों पर कड़ी नजर रखे और आवश्यक कार्रवाई करे।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए राजनीतिक पार्टियों ने पूरी तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन साथ ही मनोज झा जैसे नेताओं की यह आवाज़ भी सामने आई है कि नफरत और जातिवाद की राजनीति को खत्म करना होगा। चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन से उम्मीद जताई जा रही है कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष होंगे।बिहार की जनता इस बार बदलाव और विकास की राजनीति के साथ-साथ शांति और भाईचारे की भी मजबूत इच्छा जाहिर कर रही है। इसीलिए चुनाव में नफरत फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के लिए मनोज झा का आह्वान लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।











