CJP Protest : मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस ने लोगों से कानून का पालन करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। DCP सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के अनधिकृत विरोध प्रदर्शन या मार्च की अनुमति नहीं दी गई है।
नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। पुलिस अधिकारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इलाके में कानून व्यवस्था से जुड़े प्रतिबंध प्रभावी हैं। इसलिए बिना निर्धारित अनुमति किसी भी तरह की सभा, धरना, प्रदर्शन या रैली आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी।
पांच या अधिक लोगों के जुटने पर प्रतिबंध
धारा 163 के तहत जारी आदेश के मुताबिक, पूर्व लिखित अनुमति के बिना सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा जुलूस निकालने, प्रदर्शन करने और धरना देने पर भी रोक है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक होगा।
नारे और भाषण पर भी लागू होंगे प्रतिबंध
पुलिस के आदेश में केवल भीड़ जुटाने पर ही रोक नहीं है, बल्कि सार्वजनिक रूप से नारे लगाने और भाषण देने जैसी गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश के तहत हथियार, बैनर, तख्तियां, लाठियां, तलवारें, छड़ें, ईंट-पत्थर या इसी प्रकार की अन्य वस्तुएं लेकर चलने पर भी रोक रहेगी।
प्रदर्शन में हजारों लोगों के पहुंचने का अनुमान
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित प्रदर्शन में लगभग तीन से चार हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है। संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस ने पहले से सुरक्षा इंतजाम किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंधात्मक आदेश का उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना, कानून व्यवस्था बनाए रखना और राजधानी में यातायात को सुचारु रखना है।
जंतर-मंतर समेत संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ी
सुरक्षा व्यवस्था के तहत जंतर-मंतर और नई दिल्ली जिले के अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर दिल्ली पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। इसके अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों को भी विभिन्न स्थानों पर लगाया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल की मौजूदगी से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
बैरिकेडिंग और प्रवेश-निकास पर निगरानी
पुलिस सूत्रों ने बताया कि किसी भी अनधिकृत सभा को रोकने और लोगों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए हैं। प्रवेश और निकास द्वारों के अलावा अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था को संचालित किया जा रहा है।
आयोजकों ने चुनावी प्रक्रिया पर उठाए सवाल
प्रस्तावित प्रदर्शन के आयोजकों की ओर से मतदाता सूचियों में कथित विसंगतियों और चुनावों के संचालन में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शन से जुड़े लोगों की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या उनके खिलाफ महाभियोग की मांग रखी गई है। ये आयोजकों द्वारा लगाए गए आरोप और राजनीतिक मांगें हैं।
कई संगठनों और नेताओं के शामिल होने की संभावना
प्रस्तावित सभा का आह्वान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), राज्यसभा सदस्य मनोज झा और अधिवक्ता प्रशांत भूषण की ओर से किया गया है। सभा शुक्रवार सुबह 11 बजे शुरू होने का कार्यक्रम बताया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता, भारतीय युवा कांग्रेस के सदस्य तथा अन्य लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं।
मनीष सिसोदिया ने लोगों से शामिल होने की अपील की
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया मंच X के जरिए लोगों से प्रस्तावित सभा में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग का भी समर्थन किया। वहीं, आयोजकों का कहना है कि उन्होंने पुलिस को प्रदर्शन के समय, संभावित उपस्थिति और आयोजन से जुड़े जिम्मेदार लोगों की जानकारी उपलब्ध कराई थी।
Read More : Hemant Soren: हाईकोर्ट ने CM हेमंत सोरेन पर लगाया ₹10 हजार जुर्माना, ED अधिकारियों की FIR से जुड़ा है मामला