Jaish-e-Mohammed: भारतीय सेना के बहुचर्चित ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की कमर तोड़ दी है। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के भीतर कई आतंकी ठिकानों को एक ही रात में ध्वस्त कर दिया गया। इस हमले में जैश प्रमुख मसूद अजहर के 11 परिजनों की मौत हुई, जिनमें उसका बहनोई यूसुफ भी शामिल था।

अब जैश-ए-मोहम्मद अपने संगठन को दोबारा खड़ा करने की कोशिशों में जुटा है। इसी कड़ी में जैश ने पहली बार महिला आतंकी ब्रिगेड बनाने का ऐलान किया है, जिसका नाम ‘जमात-उल-मोमिनात’ रखा गया है। इस ब्रिगेड का नेतृत्व कोई और नहीं बल्कि मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर करेगी। सादिया वही है, जिसका पति यूसुफ भारतीय सेना की कार्रवाई में मारा गया।

जैश की नई रणनीति: महिलाओं के जरिए आतंकी नेटवर्क फैलाना
जैश ने यह ब्रिगेड बहावलपुर स्थित ‘मरकज़ उस्मान-ओ-अली’ से शुरू की है—यही ठिकाना ऑपरेशन सिंदूर में नष्ट किया गया था। आतंकी संगठन का मकसद महिलाओं को धर्म के नाम पर गुमराह कर आतंक के रास्ते पर लाना है।
सूत्रों के मुताबिक, जैश की यह महिला ब्रिगेड जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप और ऑनलाइन नेटवर्क के ज़रिए यह संगठन अपनी विचारधारा फैला रहा है।
किन्हें बनाया जा रहा है निशाना?
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘जमात-उल-मोमिनात’ खासतौर पर शहरी और पढ़ी-लिखी मुस्लिम महिलाओं को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रही है। जैश के प्रचार सामग्रियों में मक्का और मदीना की तस्वीरों का इस्तेमाल कर धार्मिक भावनाएं भड़काई जा रही हैं। इसके अलावा आर्थिक रूप से पिछड़े इलाकों जैसे बहावलपुर, कराची और मुज़फ्फराबाद की महिलाओं को भी टारगेट किया जा रहा है।
इस ब्रिगेड में पहले से ही जैश के कई वरिष्ठ आतंकियों की पत्नियां शामिल हो चुकी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन महिलाओं को आत्मघाती हमलों, साइबर वारफेयर और ऑनलाइन कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता
भारतीय खुफिया एजेंसियों ने इस नई महिला ब्रिगेड को लेकर अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि जैश अब आतंकी नेटवर्क को “डिजिटल आतंकवाद” की दिशा में ले जा रहा है, जिससे युवा महिलाएं जल्द ही प्रभावित हो सकती हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिए भारतीय सेना ने जैश को बड़ा झटका दिया है, लेकिन संगठन अब नई चाल चल रहा है। मसूद अजहर की बहन सादिया के नेतृत्व में महिला ब्रिगेड का गठन भारत के लिए नई चुनौती बन सकता है। ऐसे में ज़रूरत है सख्त निगरानी, साइबर इंटेलिजेंस और जमीनी स्तर पर जागरूकता की, ताकि इस नए खतरे से निपटा जा सके।










