Pakistan Protests Live : पाकिस्तान एक बार फिर भीषण हिंसा की चपेट में है। कट्टरपंथी इस्लामी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के कार्यकर्ताओं द्वारा गाजा में इजरायली हमलों के खिलाफ निकाले जा रहे विरोध मार्च को पाक सुरक्षाबलों द्वारा रोके जाने पर हालात बेकाबू हो गए। लाहौर और इस्लामाबाद में हिंसक झड़प, गोलियां, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, जिसमें कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

गाजा के समर्थन में ‘लब्बैक या अक्सा मार्च’
TLP ने ‘लब्बैक या अक्सा मिलियन मार्च’ का आह्वान किया था, जो 9 अक्टूबर को लाहौर से शुरू हुआ और इसका उद्देश्य था इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास का घेराव करना। प्रदर्शनकारी गाजा में इजरायली सेना द्वारा किए जा रहे कथित नरसंहार के खिलाफ आवाज़ उठा रहे थे।

मगर जैसे ही प्रदर्शनकारी इस्लामाबाद की ओर बढ़ने लगे, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए सड़कों पर कंटेनर रखकर बैरिकेड्स लगाए, धारा-144 लागू की और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं।
TLP नेताओं की गिरफ्तारी से भड़की हिंसा
झड़पों की शुरुआत तब हुई जब पंजाब पुलिस ने TLP प्रमुख साद हुसैन रिजवी को गिरफ्तार किया। इसके बाद पार्टी समर्थक उग्र हो गए और उन्होंने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।
11 और 12 अक्टूबर को लाहौर, मुरिदके, रावलपिंडी और इस्लामाबाद में हुई झड़पों में अब तक 40 से ज्यादा मौतें और कई दर्जन घायल होने की खबर है। सोशल मीडिया पर हिंसा, गोलीबारी और पुलिस कार्रवाई के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं।
अमेरिकी दूतावास की सुरक्षा कड़ी, चेतावनी जारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इस्लामाबाद के रेड ज़ोन को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। अमेरिकी दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और वहां हजारों सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। दूतावास ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और प्रदर्शनकारियों से दूर रहने की सलाह दी है।
साद रिजवी की मौत की अफवाह
इस बीच सोशल मीडिया पर TLP प्रमुख साद रिजवी की हत्या की अफवाहें तेज़ हो गई हैं, जिससे प्रदर्शन और भी उग्र हो गए हैं। हालांकि पाकिस्तानी सरकार की ओर से ऐसी खबरों की पुष्टि नहीं हुई है। शहबाज शरीफ सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की पेशकश की है, लेकिन TLP समर्थक मानने को तैयार नहीं हैं और प्रदर्शन को पंजाबभर में फैलाने की धमकी दे चुके हैं।पाकिस्तान इस समय गंभीर आंतरिक संकट से गुजर रहा है। धार्मिक कट्टरपंथ, राजनीतिक अस्थिरता और गाजा मुद्दे पर भावनात्मक उबाल ने हालात को विस्फोटक बना दिया है। अब देखना होगा कि पाक सरकार इस संकट को संवाद से सुलझा पाती है या हालात और बिगड़ते हैं।
Read More : Israel Gaza Ceasefire: हमास ने 7 बंधकों को रिहा किया, जल्द हो सकती है 13 और की रिहाई











