Maharashtra Political : महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर से भारी उलटफेर और कूटनीतिक उठापटक की सुगबुगाहट तेज हो गई है. शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों द्वारा पाला बदलकर विरोधी खेमे में शामिल होने की लगातार लग रही अटकलों के बीच पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपने सभी सांसदों की एक बेहद आपात और महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. पार्टी के एक वरिष्ठ सांसद से मिली जानकारी के अनुसार, यह हाई-प्रोफाइल बैठक रविवार दोपहर को मुंबई के बांद्रा पूर्व स्थित उद्धव ठाकरे के निजी आवास ‘मातोश्री’ पर आयोजित की गई है.

बैठकों का दौर शुरू
तय कार्यक्रम के मुताबिक, यह अहम रणनीतिक बैठक रविवार दोपहर 12 बजे शुरू होनी सुनिश्चित हुई है. बैठक की गंभीरता को देखते हुए सुबह 11 बजे से ही शिवसेना (यूबीटी) के तमाम बड़े नेताओं और सांसदों का मातोश्री पर आगमन शुरू हो गया है. शिवसेना (यूबीटी) के सभी लोकसभा सांसदों की इस बैठक की अध्यक्षता खुद उद्धव ठाकरे कर रहे हैं. महाराष्ट्र के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक में पार्टी के भीतर किसी भी संभावित बगावत को रोकने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए कड़े फैसले लिए जा सकते हैं.

‘ऑपरेशन टाइगर’ की सुगबुगाहट
पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सियासी गलियारों में यह खबरें लगातार तैर रही हैं कि शिवसेना (यूबीटी) के कुछ मौजूदा सांसद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली असली शिवसेना के साथ गोपनीय संपर्क में हैं. राजनीतिक हलकों में इसे ‘ऑपरेशन टाइगर’ का नाम दिया जा रहा है, जिसके तहत उद्धव गुट के कुछ सांसदों को शिंदे खेमे में शामिल कराने की योजना है. हालांकि, इस सप्ताह दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया था. शिंदे ने कहा था कि चुनाव अब पूरी तरह खत्म हो चुके हैं और फिलहाल उन्हें किसी नए संख्या बल या खेल की कोई आवश्यकता नहीं है.
बंडू जाधव पर टिकी नजरें
इस बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा सांसद संजय उर्फ बंडू जाधव को लेकर हो रही है. बंडू जाधव पिछले कुछ समय से पार्टी की महत्वपूर्ण सांगठिनक बैठकों से लगातार दूरी बनाए हुए थे, जिससे पार्टी नेतृत्व के कान खड़े हो गए हैं. ऐसे में आज मातोश्री पर होने वाली इस बैठक में उनकी उपस्थिति या अनुपस्थिति पर पूरे महाराष्ट्र की नजरें टिकी हुई हैं. आपको बता दें कि लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के कुल नौ सांसद हैं, जिनमें अरविंद सावंत, संजय देशमुख, नागेश बापुराव पाटिल अष्टीकर, संजय हरिभाऊ जाधव, राजाभाऊ वाजे, संजय दीना पाटिल, भाऊसाहेब राजाराम वाखचौरे, अनिल देसाई और ओमप्रकाश राजेनिंबालकर शामिल हैं.
केंद्र का बदलता राजनीतिक गणित
महाराष्ट्र की इस सियासी हलचल के बीच केंद्र सरकार का राजनीतिक गणित भी तेजी से बदल रहा है. पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर हुए बड़े विद्रोह और बागी गुट द्वारा बीजेपी नीत एनडीए को समर्थन देने के दावों के बाद राष्ट्रीय राजनीति में नए समीकरण बन रहे हैं. टीएमसी के बागी गुट का दावा है कि उनके पास 20 सांसदों का मजबूत समर्थन है. इसी बदलते राष्ट्रीय परिदृश्य के बीच उद्धव ठाकरे अपने कुनबे को पूरी तरह सुरक्षित रखने की कवायद में जुट गए हैं. हालांकि, शिवसेना (यूबीटी) के एक वफादार सांसद ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि यह केवल एक नियमित संगठनात्मक बैठक है और इसका बगावत की खबरों से कोई लेना-देना नहीं है.

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