Giorgia Meloni Quits Smoking: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने आखिरकार वह कर दिखाया जिसे कई विश्व नेताओं ने ‘असंभव’ करार दिया था। लंबे समय तक स्मोकिंग की आदी रहीं मेलोनी ने धूम्रपान को पूरी तरह से अलविदा कह दिया है। इस बात का खुलासा उन्होंने मंगलवार को जी-7 (G-7) शिखर सम्मेलन के दौरान नेताओं के साथ एक अनौपचारिक बातचीत में किया। मेलोनी का यह निर्णय इसलिए भी चर्चा का विषय है क्योंकि पिछले साल तक वे खुद और उनके मित्र राष्ट्रों के नेता भी यही मानते थे कि सिगरेट छोड़ना उनके लिए नामुमकिन है। पिछले साल फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने तो उनके सामने ही सार्वजनिक रूप से कहा था कि मेलोनी का सिगरेट छोड़ना असंभव है।

जब एर्दोगन की सलाह पर मैक्रों ने भी उड़ाया था मजाक
पिछले साल मिस्र में आयोजित गाजा पीस समिट के दौरान एक दिलचस्प वाकया हुआ था। वहां तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने मेलोनी से कहा था, “आप अच्छी लग रही हैं, लेकिन मैं चाहता हूं कि आप स्मोकिंग छोड़ दें।” एर्दोगन की इस सलाह पर पास खड़े ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों अपनी हंसी नहीं रोक पाए थे और मैक्रों ने तपाक से कहा था कि यह काम ‘इम्पॉसिबल’ है। उस दौरान मेलोनी ने भी मजाक-मजाक में यह संकेत दिया था कि स्मोकिंग छोड़ने के लिए उन्हें शायद किसी की जान भी लेनी पड़ सकती है। लेकिन अब उन्होंने अपनी उस जिद्द को पीछे छोड़कर एक नई शुरुआत की है।

जी-7 समिट में मेलोनी के ऐलान से हैरान हुए साथी नेता
जी-7 समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इंतजार करते समय जब विश्व नेताओं के बीच हंसी-मजाक चल रहा था, तब मेलोनी ने अपनी नई उपलब्धि साझा की। बातचीत के दौरान उर्सुला वॉन डेर लेयेन और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ स्मोकिंग को लेकर चर्चा छिड़ी। जब मर्ज ने मजाक में सिगरेट के बारे में पूछा, तो मेलोनी ने आत्मविश्वास के साथ बताया कि उन्होंने इसे छोड़ दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने 1 मई से एक भी सिगरेट नहीं पी है। यह सुनकर जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची और उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने उनकी जमकर तारीफ की। मेलोनी का यह संकल्प उनकी इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
सिगरेट का राजनीति और विदेशी संबंधों से रहा है पुराना नाता
जॉर्जिया मेलोनी ने अपनी किताब ‘आई एम जॉर्जिया: माय रूट्स, माय प्रिंसिपल्स’ में अपने जीवन के संघर्षों और आदतों का जिक्र किया है। 15 साल की उम्र में राजनीति में कदम रखने वाली मेलोनी के लिए सिगरेट एक ऐसा माध्यम रही, जिससे उन्हें नेताओं के साथ मेलजोल बढ़ाने और नेटवर्क बनाने में मदद मिली। उन्होंने स्वीकार किया था कि सिगरेट उनके लिए विदेशी नेताओं के साथ बेहतर संबंध स्थापित करने का एक अनूठा जरिया बन गई थी। कई राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी मानना है कि पुरुष प्रधान राजनीति में खुद को स्थापित करने के दौरान मेलोनी के लिए यह एक ‘बगावती’ और ‘स्वतंत्र’ पहचान बनाने का तरीका भी था।
एक कड़ा फैसला और सेहत के प्रति बढ़ती जागरूकता
विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, धूम्रपान को लेकर मेलोनी के अपने तर्क थे। उनका मानना था कि स्मोकिंग की वजह से आने वाली गंध, उन्हें उन उम्रदराज और बुरी नीयत रखने वाले पुरुषों से दूरी बनाने में मदद करती थी, जो अक्सर उनके प्रति असहज व्यवहार करते थे। हालांकि, अब उन्होंने अपने स्वास्थ्य और जीवनशैली में बड़ा सकारात्मक बदलाव किया है। 1 मई से सिगरेट छोड़ने का उनका निर्णय उनके अनुशासन को दिखाता है। मेलोनी की यह नई आदत न केवल उनकी सेहत में सुधार लाएगी, बल्कि यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी बुरी लत ‘इम्पॉसिबल’ नहीं है। उनके इस फैसले का वैश्विक मंच पर भी स्वागत किया जा रहा है।
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