Practice Crackdown : सरगुजा जिले में सरकारी चिकित्सकों द्वारा ड्यूटी अवधि के दौरान निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस किए जाने की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने कड़ा रुख अपनाया है। निजी नर्सिंग होम, अस्पताल, पॉलीक्लीनिक और पैथोलॉजी लैब संचालकों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि वे शासकीय कर्तव्य अवधि के दौरान किसी भी सरकारी चिकित्सक या चिकित्सा शिक्षक की सेवाएं न लें।

जारी पत्र में CMHO ने छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग के वर्ष 2018 के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि सरकारी चिकित्सक केवल अपनी शासकीय ड्यूटी समाप्त होने के बाद ही निजी प्रैक्टिस कर सकते हैं। ड्यूटी के समय निजी संस्थानों में सेवाएं देना आचरण नियमों के विरुद्ध है और इस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।


पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से ऐसी शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं कि कुछ सरकारी चिकित्सक कर्तव्य अवधि में निजी संस्थानों में मरीज देख रहे हैं। यदि कोई चिकित्सक या चिकित्सा शिक्षक ऐसा करते हुए पाया जाता है, तो संबंधित चिकित्सक के साथ-साथ उस निजी संस्था के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों से निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और शासकीय ड्यूटी अवधि में सरकारी चिकित्सकों की सेवाएं नहीं लेने को कहा है।












