Telangana News : तेलंगाना के भद्राद्री कोठागुडेम जिले से एक अत्यंत विचलित करने वाली और चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। गुंडाला मंडल के शंभूनिगुडेम गांव की रहने वाली 21 वर्षीय गर्भवती महिला चटला वनजा की प्रसव के दौरान हुई मौत ने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि पूरे स्वास्थ्य विभाग को हिलाकर रख दिया है। घटना 13 जून (रविवार) की है, जब प्रसव पीड़ा के बाद परिजनों ने वनजा को गुंडाला सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। दुर्भाग्यवश, अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण प्रसव प्रक्रिया स्टाफ नर्सों द्वारा की गई। इस प्रक्रिया के दौरान नवजात शिशु ने दम तोड़ दिया और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण प्रसूता वनजा ने भी खम्मम ले जाते समय रास्ते में ही प्राण त्याग दिए।

अंतिम संस्कार के बाद अस्थियों में मिली सर्जरी की कैंची
यह मामला तब और अधिक चौंकाने वाला और भयावह हो गया जब वनजा और उसकी बच्ची का अंतिम संस्कार करने के बाद परिजनों को ऐसी चीज मिली जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। रीति-रिवाजों के अनुसार, जब गुरुवार सुबह परिवार के लोग अस्थि संचय के लिए पहुंचे, तो उन्हें चिता की राख के बीच एक ऐसी कैंची मिली जो आमतौर पर सर्जरी या प्रसव के दौरान चिकित्सकीय उपकरणों के रूप में इस्तेमाल की जाती है। अस्थियों के बीच कैंची मिलने से यह स्पष्ट हो गया कि प्रसव के दौरान अस्पताल के मेडिकल स्टाफ ने अक्षम्य लापरवाही बरती थी। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद टांके लगाते समय या ब्लीडिंग रोकने के दौरान स्टाफ कैंची को महिला के पेट के अंदर ही भूल गया, जो महिला की मृत्यु का मुख्य कारण बनी।

चिकित्सा अधिकारी निलंबित, विभागीय जांच के दिए गए आदेश
इस मामले के उजागर होते ही क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। पीड़ित परिवार ने गुंडाला अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी सुदीप से इस गंभीर चूक पर स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन अधिकारी ने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि कैंची वहां कैसे पहुंची। यह गैर-जिम्मेदाराना जवाब सुनकर परिजनों ने डीएमएचओ (DMHO) से मामले की कड़ी शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से गुंडाला के चिकित्सा अधिकारी सुदीप को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं, ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
व्यवस्था पर सवाल: क्या सामान्य प्रसव के नाम पर हुआ खिलवाड़?
मृतका के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले को ‘सामान्य प्रसव’ और ‘अत्यधिक रक्तस्राव’ का नाम देकर दबाने की कोशिश की थी। लेकिन शरीर के भीतर कैंची का मिलना मेडिकल स्टाफ की अमानवीय लापरवाही और गैर-पेशेवर रवैये का पक्का सबूत है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रसव के दौरान इतनी बड़ी वस्तु का शरीर के अंदर छूट जाना यह दर्शाता है कि उस समय अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का बिल्कुल भी पालन नहीं किया। यह दुखद घटना न केवल एक मां और उसकी बच्ची की जान लेने वाली है, बल्कि यह सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही पर एक गहरा तमाचा है। अब देखना यह है कि इस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या दोषियों के खिलाफ केवल निलंबन ही पर्याप्त होगा, या उन पर हत्या के समान लापरवाही का मुकदमा चलेगा।











