FIFA World Cup : फुटबॉल के जादूगर लियोनल मेसी ने एक बार फिर अपनी महानता को सिद्ध करते हुए खेल जगत में नया इतिहास लिख दिया है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के अंतर्गत 22 जून को डलास में अर्जेंटीना और ऑस्ट्रिया के बीच खेले गए एक बेहद रोमांचक मुकाबले में मेसी ने शानदार प्रदर्शन किया। इस मैच में गोल दागते ही 38 वर्षीय मेसी फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने जर्मनी के महान स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोस के 16 गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। अपने इस ऐतिहासिक 17वें गोल के साथ मेसी ने फुटबॉल की दुनिया में एक नया मील का पत्थर स्थापित कर दिया है।

लगातार गोल करने का अनूठा कीर्तिमान
मेसी की मौजूदा फॉर्म का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वे इस टूर्नामेंट में लगातार गोल कर रहे हैं। ऑस्ट्रिया के खिलाफ गोल करते ही उन्होंने फीफा वर्ल्ड कप के लगातार 6 मैचों में स्कोर करने का अद्भुत रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस उपलब्धि के साथ ही अब मेसी फुटबॉल के उन दिग्गज खिलाड़ियों के कुलीन क्लब में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने टूर्नामेंट में निरंतर गोल करने का जलवा दिखाया था। इस सूची में फ्रांस के महान खिलाड़ी जस्ट फोंटेन और ब्राजील के जायरजिन्हो जैसे दिग्गज खिलाड़ी पहले से ही मौजूद हैं।

सर्वाधिक गोल करने वाले शीर्ष खिलाड़ियों की सूची
फीफा वर्ल्ड कप में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में अब बदलाव आ चुका है। लियोनल मेसी 17 गोल के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोस 16 गोल के साथ अब दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं। ब्राजील के दिग्गज स्ट्राइकर रोनाल्डो 15 गोल के साथ तीसरे नंबर पर बने हुए हैं। वहीं, फ्रांस के युवा सुपरस्टार किलियन एम्बाप्पे और जर्मनी के गर्ड म्यूलर 14-14 गोल के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह से एम्बाप्पे का प्रदर्शन रहा है, भविष्य में वे मेसी के इस रिकॉर्ड को चुनौती दे सकते हैं।
वर्ल्ड कप में हैट्रिक और 6 संस्करणों में भागीदारी
मेसी के लिए यह टूर्नामेंट कई मायनों में ऐतिहासिक रहा है। वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत से पहले उनके नाम 5 वर्ल्ड कप संस्करणों में कुल 13 गोल दर्ज थे। इस सीजन के अपने पहले ही मुकाबले में उन्होंने अल्जीरिया के खिलाफ एक शानदार हैट्रिक जड़कर क्लोस के 16 गोल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी। इतना ही नहीं, ऑस्ट्रिया के खिलाफ मैदान पर उतरते ही मेसी ने 6 अलग-अलग फीफा वर्ल्ड कप खेलने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर बनने का गौरव भी हासिल किया।
अर्जेंटीना के लिए गौरवपूर्ण क्षण
लियोनल मेसी का यह कीर्तिमान न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की सर्वोच्च उपलब्धि है, बल्कि यह पूरी अर्जेंटीना की टीम और उनके प्रशंसकों के लिए गर्व का विषय है। 38 वर्ष की आयु में भी जिस फिटनेस और खेल कौशल का परिचय उन्होंने दिया है, वह नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। फुटबॉल के गलियारों में मेसी के इस रिकॉर्ड की खूब प्रशंसा हो रही है, और यह माना जा रहा है कि इस रिकॉर्ड को तोड़ना आने वाले समय के खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
Ajit Doval-Iran Meeting: NSA अजित डोभाल की ईरानी सुरक्षा प्रमुख से अहम मुलाकात, कई मुद्दों पर चर्चा











