Congress Reshuffle : कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए कई राज्यों में नए एआईसीसी (AICC) प्रभारियों की घोषणा की है। पार्टी के आधिकारिक बयान के अनुसार, वरिष्ठ नेता राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है, जहाँ उन्होंने अविनाश पांडे का स्थान लिया है। वहीं, हरियाणा की जिम्मेदारी संजय दत्त को सौंपी गई है, जो अब तक पार्टी के वरिष्ठ नेता बी.के. हरिप्रसाद द्वारा संभाली जा रही थी। इसके साथ ही, बी.के. हरिप्रसाद को अब महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए कर्नाटक कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों को आगामी राजनीतिक चुनौतियों के मद्देनजर पार्टी की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

ओडिशा और सेवा दल में भी नेतृत्व परिवर्तन
इन बदलावों के अलावा, कांग्रेस ने ओडिशा के संगठनात्मक ढांचे में भी फेरबदल किया है। अजय कुमार लल्लू की जगह लालजी देसाई को ओडिशा का नया एआईसीसी प्रभारी नियुक्त किया गया है। पार्टी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने एक बयान में निवर्तमान प्रभारियों—अविनाश पांडे, बी.के. हरिप्रसाद और अजय कुमार लल्लू—के पार्टी के प्रति समर्पण और योगदान की सराहना की। इसके साथ ही, लालजी देसाई के एआईसीसी प्रभारी बनने के बाद, बी.वी. श्रीनिवास को कांग्रेस सेवा दल का नया मुख्य संगठक (Chief Organizer) नियुक्त किया गया है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, ताकि संगठन की कार्यप्रणाली में निरंतरता बनी रहे।

दिल्ली कांग्रेस का बूथ-लेवल नेटवर्क हुआ और मजबूत
राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने के उद्देश्य से, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (DPCC) ने एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को दिल्ली की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में 509 मंडलम अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बताया कि इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य पार्टी की बूथ-स्तरीय मशीनरी को पुनर्जीवित करना और संगठन को अधिक ऊर्जावान बनाना है। ये नवनियुक्त पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी की विचारधारा का प्रसार करने, कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय बनाने और पार्टी के अभियानों को जनता तक पहुँचाने के लिए उत्तरदायी होंगे।
वोटर रोल संशोधन को लेकर कांग्रेस की तैयारी
दिल्ली में ये नियुक्तियां ऐसे समय में की गई हैं जब चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) की प्रक्रिया चल रही है। दिल्ली कांग्रेस ने अपनी बूथ-स्तरीय सक्रियता को बढ़ाने के लिए हाल ही में व्यापक अभियान शुरू किया था। पार्टी ने अपने बूथ-लेवल एजेंटों (BLA-1) के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाएं भी आयोजित की हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रिवीजन प्रक्रिया के दौरान कोई भी पात्र मतदाता—विशेषकर दलित, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के नागरिक—मतदाता सूची से बाहर न छूटे।
जमीनी स्तर पर संगठनात्मक पकड़ बढ़ाने की रणनीति
कुल मिलाकर, कांग्रेस का यह कदम एक साथ दो दिशाओं में काम करने की योजना को दर्शाता है। जहाँ एआईसीसी स्तर पर किए गए बदलावों से राज्यों में नेतृत्व को नई दिशा देने का प्रयास किया गया है, वहीं दिल्ली में की गई नियुक्तियां चुनाव आयोग की आगामी प्रक्रियाओं के लिए पार्टी को तैयार करने की कवायद हैं। पार्टी का पूरा फोकस अब संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को लामबंद करने और केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ एक प्रभावी तंत्र विकसित करने पर है।
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