Raigarh News : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथियों और ग्रामीणों के बीच संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के ग्राम छर्रा टांगर का है, जहां शनिवार सुबह हाथियों को भगाने के नाम पर ग्रामीणों ने बेहद जोखिम भरा कदम उठाया। खेत में घुसे दो हाथियों को देखकर ग्रामीण बड़ी संख्या में वहां इकट्ठा हो गए और शोर मचाकर उन्हें खदेड़ने लगे। इस दौरान न केवल बच्चों ने हाथियों पर पत्थर बरसाए, बल्कि पास में पटाखे भी फोड़े गए। पटाखों की गूंज और पत्थरबाजी से हाथियों का झुंड बेकाबू होकर इधर-उधर भागने लगा, जिससे क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी मच गई। यह पूरी घटना अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसने स्थानीय प्रशासन को भी सकते में डाल दिया है।

सोशल मीडिया का क्रेज: रील बनाने के लिए हाथियों को उकसाने का सिलसिला
यह पहली बार नहीं है जब रायगढ़ में हाथियों के साथ इस तरह का क्रूर व्यवहार देखा गया है। इससे पहले 18 जून को चारमार जंगल में कुछ युवकों का वीडियो सामने आया था, जिसमें वे रील बनाने के लिए हाथियों को परेशान करते और उन पर पत्थर फेंकते हुए नजर आए थे। उस समय स्थिति तब गंभीर हो गई थी जब उग्र हुए हाथी ने युवकों की ओर दौड़ लगा दी थी, जिसके बाद सभी अपनी जान बचाकर भागने को मजबूर हो गए थे। सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज पाने के चक्कर में युवाओं का यह ‘खतरनाक एडवेंचर’ अब आम जनता के लिए भी खतरा बनता जा रहा है।

वन विभाग सख्त: वीडियो के आधार पर होगी दोषियों की पहचान
वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए वन विभाग ने कड़ी चेतावनी जारी की है। घरघोड़ा प्रभारी रेंजर विक्रांत कुमार ने बताया कि विभाग को जैसे ही सूचना मिली, टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। रेंजर ने स्पष्ट किया कि हाथियों को दौड़ाना और उन्हें इस तरह परेशान करना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध है। जो वीडियो सामने आए हैं, उनमें स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि ग्रामीण हाथियों को उकसा रहे हैं। विभाग अब इन वीडियो के माध्यम से उन सभी लोगों की पहचान कर रहा है जिन्होंने हाथियों को पत्थर मारे या पटाखे फोड़े। रेंजर ने साफ कहा है कि इस तरह की हरकत करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रायगढ़ के जंगलों में बढ़ता हाथियों का कुनबा और बढ़ता जोखिम
गौरतलब है कि रायगढ़ जिला इस समय हाथियों के लिए सबसे सुरक्षित विचरण क्षेत्रों में से एक बन गया है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में रायगढ़ और धर्मजयगढ़ वन मंडल में कुल 162 हाथियों का कुनबा सक्रिय है। इसमें 132 हाथी धर्मजयगढ़ में और 30 हाथी रायगढ़ वन मंडल के क्षेत्रों में विचरण कर रहे हैं। इन 162 हाथियों में 44 नर, 87 मादा और 31 शावक शामिल हैं। हाथियों की बढ़ती संख्या और जंगलों के समीप मानवीय बस्तियों के फैलाव ने संघर्ष की स्थिति को और जटिल बना दिया है।
ग्रामीणों को सलाह: हाथियों से सुरक्षित दूरी ही है एकमात्र बचाव
वन विभाग ने छर्रा टांगर और आसपास के सभी ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी है कि वे हाथियों के झुंड को देखकर उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। हाथियों को भगाने के लिए पत्थरबाजी करना या पटाखे फोड़ना उनके स्वभाव को हिंसक बना सकता है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। हाथियों के करीब जाना या उनके साथ रील बनाना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि जानलेवा भी है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तुरंत वन अधिकारियों को सूचित करें, न कि खुद उन्हें उकसाने का काम करें।










