Apple iPhone : एप्पल आईफोन आज के दौर में न केवल एक बेहतरीन स्मार्टफोन है, बल्कि यह एक प्रमुख स्टेटस सिंबल भी बन चुका है। कंपनी हर साल अपने नए मॉडल के साथ अत्याधुनिक तकनीक और शानदार फीचर्स पेश करती है, लेकिन इस प्रक्रिया में वह कई ऐसे लोकप्रिय फीचर्स को हटाती भी रहती है, जो कभी यूजर्स की पहली पसंद हुआ करते थे। आज भी बड़ी संख्या में ऐसे आईफोन प्रशंसक मौजूद हैं जो कंपनी के पुराने फीचर्स को याद करते हैं और चाहते हैं कि एप्पल उन्हें वापस लाए। यहाँ हम उन पाँच प्रमुख फीचर्स पर चर्चा कर रहे हैं जो कभी आईफोन का अभिन्न हिस्सा थे और आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।

कंट्रोल सेंटर से ब्लूटूथ और वाई-फाई का पूर्ण नियंत्रण
पुराने iOS वर्जन में एक बहुत ही सरल और प्रभावी सुविधा थी, जहाँ कंट्रोल सेंटर से केवल एक टैप के जरिए ब्लूटूथ और वाई-फाई को पूरी तरह से बंद किया जा सकता था। हालांकि, iOS 11 के अपडेट के बाद एप्पल ने इस कार्यप्रणाली को बदल दिया। अब कंट्रोल सेंटर पर इन बटनों को दबाने से केवल मौजूदा कनेक्शन ही डिस्कनेक्ट होता है, जबकि ब्लूटूथ और वाई-फाई बैकग्राउंड में चालू रहते हैं। इन्हें पूरी तरह से बंद करने के लिए यूजर को अब सेटिंग्स में जाकर लंबी प्रक्रिया अपनानी पड़ती है, जो कई यूजर्स को काफी असुविधाजनक लगता है।

3.5mm हेडफोन जैक और वायर्ड ऑडियो की अहमियत
वर्ष 2016 में आईफोन 7 के लॉन्च के साथ एप्पल ने 3.5mm हेडफोन जैक को हटाकर वायरलेस ऑडियो युग की शुरुआत की थी। इसके साथ ही कंपनी ने लोकप्रिय एयरपॉड्स भी पेश किए। हालांकि वायरलेस ईयरबड्स ने अपनी सुविधा के कारण काफी लोकप्रियता हासिल की है, लेकिन आज भी एक बड़ा वर्ग ऐसा है जो वायर्ड हेडफोन्स की ऑडियो गुणवत्ता और निरंतरता को अधिक बेहतर मानता है। बिना किसी चार्जिंग की चिंता के सीधे फोन से कनेक्ट होकर संगीत सुनने का अनुभव कई यूजर्स आज भी मिस करते हैं।
3D टच: स्क्रीन को दबाने का एक अलग अनुभव
वर्ष 2015 में आईफोन 6s के साथ 3D टच फीचर एक क्रांतिकारी बदलाव के रूप में सामने आया था। यह तकनीक स्क्रीन पर दबाव के प्रति संवेदनशील थी, जिससे यूजर किसी लिंक या ऐप को जोर से दबाकर प्रीव्यू देख सकते थे या शॉर्टकट्स का उपयोग कर सकते थे। बाद में एप्पल ने इसे हटाकर ‘हैप्टिक टच’ पेश किया, जो केवल स्क्रीन पर लंबे समय तक प्रेस करने पर काम करता है। कई पुराने यूजर्स का मानना है कि 3D टच की गति और सटीकता हैप्टिक टच से कहीं अधिक बेहतर थी।
आईट्यून्स और टच आईडी: एक दौर का अंत
आईट्यून्स के माध्यम से कंप्यूटर पर ऐप्स को व्यवस्थित करने का फीचर पहले यूजर्स के लिए काफी सुविधाजनक था, जिससे होम स्क्रीन मैनेज करना आसान होता था, लेकिन 2017 में इसे बंद कर दिया गया। इसी तरह, टच आईडी यानी फिंगरप्रिंट सेंसर वाला होम बटन भी यूजर्स की सुरक्षा और सुविधा का सबसे प्रिय साधन था। आईफोन X के बाद फेस आईडी के आने से टच आईडी लगभग समाप्त ही हो गया है, जबकि मास्क पहनने या अन्य स्थितियों में अभी भी कई लोग उंगली से फोन अनलॉक करना अधिक सहज मानते हैं।
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