Ketan Murder Case : पुणे के चर्चित रियल एस्टेट व्यवसायी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले में हैरान कर देने वाली परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस जांच में यह दावा किया गया है कि हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल ने केतन अग्रवाल से शादी की तैयारियों और शॉपिंग के नाम पर करीब 1 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि ऐंठी थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह पूरी रकम सिया ने अपने कथित करीबी चेतन चौधरी को सौंप दी थी, ताकि उसकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। यह खुलासा हत्या के पीछे के संभावित आर्थिक उद्देश्यों की ओर साफ इशारा करता है।

शादी के नाम पर करोड़ों की आर्थिक हेरफेर
जांचकर्ताओं के अनुसार, सिया और 22 वर्षीय चेतन चौधरी ने बहुत पहले से ही एक सुनियोजित साजिश रची थी। चेतन, जो आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता था, के करियर की शुरुआत और उसे स्थिर करने के लिए ही केतन अग्रवाल से ली गई धनराशि का उपयोग किया गया। सूत्रों का दावा है कि चेतन ने सिया से अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए समय मांगा था। दोनों ने यह रणनीति बनाई थी कि केतन की हत्या के बाद सिया कुछ समय तक विवाह नहीं करेगी, ताकि किसी को उन दोनों के बीच के संबंधों पर शक न हो और समय बीतने के बाद वे कानूनी व सामाजिक रूप से जुड़ सकें।

लोहगढ़ किले पर रची गई खौफनाक साजिश
जांच एजेंसियों के अनुसार, 18 जून को लोहगढ़ किले पर केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देकर उनकी हत्या करने का प्लान अत्यंत सावधानी से तैयार किया गया था। इस साजिश में एक ‘कोड सिग्नल’ भी तय था। सिया को निर्देश दिया गया था कि वह पानी पीने या जूते के फीते बांधने के बहाने नीचे झुक जाएगी, जो चेतन के लिए हमला करने का इशारा था। इससे न केवल चेतन को सही समय का पता चलता था, बल्कि सिया भी खुद को हमले से सुरक्षित दूरी पर रखने में सफल रहती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि 14 जून को भी ऐसी ही एक कोशिश की गई थी, जिसमें केतन बाल-बाल बच गए थे और उस समय उसे दुर्घटना का नाम दे दिया गया था।
कॉल रिकॉर्ड और ड्राइवर के बयान से सबूतों का जाल
जांच एजेंसियों के हाथ लगे कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) ने इस मामले में निर्णायक भूमिका निभाई है। घटना से ठीक 34 मिनट पहले सिया और चेतन के बीच हुई बातचीत को पुलिस ने ‘अंतिम योजना’ के रूप में चिन्हित किया है। इसके अलावा, मामले में बाली ट्रिप के लिए बुक किए गए ड्राइवर वैभव जाधव का बयान भी महत्वपूर्ण है। ड्राइवर ने खुलासा किया कि सिया यात्रा के प्रति उदासीन थी और उनके भाई साहिल के साथ उनकी बहस भी हुई थी। मुंबई एयरपोर्ट पर केतन का पासपोर्ट न मिलना और यात्रा का रद्द होना इस पूरी साजिश की कड़ियों को और अधिक उलझाता है।
कानून की पकड़ में आरोपी, जांच जारी
वर्तमान में पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच कर रही है। हालांकि, आरोपियों के खिलाफ लगे सभी आरोपों की पुष्टि और सच्चाई अदालत की कार्यवाही के दौरान साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी। फिलहाल, जांच एजेंसियां सबूतों को जुटाने और मामले के हर छोटे पहलू को जोड़ने में लगी हैं। इस सनसनीखेज वारदात ने न केवल पुणे बल्कि पूरे देश के रियल एस्टेट जगत और आम जनता को झकझोर कर रख दिया है। न्याय की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही इस हत्याकांड का पूरा सच सामने आने की उम्मीद है।
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