Ethanol Blended Fuel: इथेनॉल मिश्रित ईंधन (Ethanol-Blended Fuel) के इस्तेमाल से गाड़ियों के माइलेज में आने वाली संभावित कमी को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा है। इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने माना है कि ई20 (E20) पेट्रोल, जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाता है, के उपयोग से गाड़ियों के माइलेज में मामूली गिरावट आ सकती है। हालांकि, उन्होंने इस गिरावट को अत्यंत ‘मामूली’ करार दिया है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि इस मुद्दे को लेकर इंटरनेट पर जो माहौल बनाया जा रहा है, वह पूरी तरह से काल्पनिक और भ्रामक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के नकारात्मक नैरेटिव का उद्देश्य वाहन मालिकों के मन में अनावश्यक भय पैदा करना है।

ई20 के फायदे: पिकअप और इंजन की कार्यक्षमता
केंद्रीय मंत्री ने इथेनॉल मिश्रण के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह एक वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य है कि जब वाहन में इथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग किया जाता है, तो गाड़ी के पिकअप (एक्सेलेरेशन) में सुधार होता है और इंजन की नॉकिंग (खटखटाहट की समस्या) कम हो जाती है। मंत्री के अनुसार, माइलेज में जो थोड़ी बहुत कमी महसूस हो सकती है, उसके पीछे केवल ईंधन नहीं, बल्कि कई अन्य कारक भी जिम्मेदार हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि पेट्रोल में इथेनॉल को मिलाने का निर्णय पूरी तरह से विशेषज्ञों की राय, SIAM और ARAI जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ गहन विचार-विमर्श और व्यापक टेस्टिंग के बाद ही लिया गया है।

इंश्योरेंस कवरेज पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं
वाहन बीमा (Insurance) को लेकर चल रही तमाम शंकाओं को दूर करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इस संबंध में स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बीमा कंपनियों ने पहले ही यह साफ कर दिया है कि ई20 ईंधन का उपयोग करने से गाड़ी के इंश्योरेंस कवरेज पर कोई भी प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। वाहन मालिकों को इस बात की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन के कारण उनकी बीमा पॉलिसी अमान्य हो जाएगी। सरकार का कहना है कि यह ईंधन वाहन की सुरक्षा और प्रदर्शन को ध्यान में रखकर ही तैयार किया गया है।
भ्रामक प्रचार के खिलाफ सरकार का विस्तृत नोट
जनता के मन में व्याप्त संदेहों को दूर करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने 15 पन्नों का एक अत्यंत विस्तृत नोट तैयार किया है। इस नोट में इथेनॉल मिश्रण के पूरे सफर और वैश्विक स्तर पर इसके सफल उपयोग का पूरा विवरण दिया गया है। सरकारी नोट में कड़ी आलोचना करते हुए कहा गया है कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग जानबूझकर एडिट की गई क्लिप और सनसनीखेज वीडियो साझा कर रहे हैं ताकि लोगों को गुमराह किया जा सके। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार किसी भी नए कदम को उठाने से पहले सभी सुरक्षा मानकों और तकनीकी परीक्षणों की जांच करती है। भविष्य में पेट्रोल में 25 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण (E25) की ओर बढ़ने का निर्णय भी केवल सभी जरूरी टेस्ट पूरे होने के बाद ही लिया जाएगा।
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