Donald Trump on Iran: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान चर्चा का केंद्र बन गया है। ट्रंप ने ईरान पर सीधा निशाना साधते हुए दावा किया है कि अमेरिका ने खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए ईरान को ‘एक हफ्ते का समय’ दिया, क्योंकि अमेरिका एक ‘अच्छा देश’ है। उनका यह तंज तब सामने आया है जब ईरान में खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए लाखों लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है। ट्रंप का यह रुख अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे लंबे समय से जारी तनाव को और अधिक रेखांकित करता है।

माउंट रशमोर से ट्रंप ने की ईरान पर सख्त बयानबाजी
अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता वर्ष समारोह के उपलक्ष्य में साउथ डकोटा के माउंट रशमोर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने हालिया अमेरिका-ईरान संघर्षों का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने ईरान की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘हमने ईरान को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। अब वे किसी भी तरह का समझौता करने के लिए पूरी तरह बेताब दिख रहे हैं। हमने उन्हें अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते की छुट्टी दी है, क्योंकि हम अच्छे लोग हैं।’ ट्रंप का यह बयान उनके कूटनीतिक आक्रामक रुख को दर्शाता है, जिसे वे अपनी चुनावी रैलियों और सार्वजनिक मंचों से लगातार दोहराते रहे हैं।

ईरान में शुरू हुआ खामेनेई का सप्ताहभर चलने वाला अंतिम संस्कार
ट्रंप का यह तीखा बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई के सम्मान में सप्ताहभर चलने वाले राजकीय अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, यह अंतिम यात्रा और विभिन्न श्रद्धांजलि कार्यक्रम काफी बड़े स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें देश भर से लाखों लोगों के शामिल होने की पूरी उम्मीद है। ईरान के लिए यह एक बेहद भावुक और संवेदनशील दौर है, जहाँ शासन व्यवस्था अपने सबसे बड़े नेता को विदाई दे रही है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी ईरान ने चाक-चौबंद इंतज़ाम किए हैं।
संघर्ष के कारण महीनों बाद हो रहा है अंतिम संस्कार
गौरतलब है कि आधिकारिक घोषणा के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के एक संयुक्त हवाई हमले के दौरान अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हुई थी। इस दुर्भाग्यपूर्ण हमले में उनके परिवार के कई सदस्य, जिनमें उनकी बेटी, दामाद, नवासी और बहू भी शामिल थे, मारे गए थे। इस्लामी परंपरा के अनुसार आम तौर पर किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार 24 घंटे के भीतर किया जाता है, लेकिन उस समय जारी युद्ध की स्थिति और गंभीर सुरक्षा कारणों के चलते खामेनेई का अंतिम संस्कार टाल दिया गया था। पिछले महीने जब संघर्षविराम (ceasefire) लागू हुआ, तब जाकर ईरानी प्रशासन ने इन औपचारिक अंतिम संस्कार कार्यक्रमों का आयोजन करने का निर्णय लिया। ट्रंप का यह बयान इस पूरे घटनाक्रम को एक नई राजनीतिक बहस के मुहाने पर ले आया है।
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