UP STF Encounter : उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने प्रदेश के सबसे वांछित और कुख्यात अपराधियों में से एक, आसिफ उर्फ विक्की को एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। यह मुठभेड़ अंबेडकरनगर जिले के बिवाना क्षेत्र में हुई। विक्की पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ के साथ हुई इस मुठभेड़ में गोली लगने से विक्की गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विक्की मूल रूप से कानपुर के मकनपुर का रहने वाला था और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था।
घटनास्थल से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद
एनकाउंटर के बाद एसटीएफ की टीम ने घटनास्थल की सघन तलाशी ली, जिसमें पुलिस को कई घातक साक्ष्य मिले हैं। बरामदगी में 32 बोर की एक अत्याधुनिक पिस्टल, 12 बोर की एक देशी बंदूक (पौनिया), भारी मात्रा में कारतूस और एक मोटरसाइकिल शामिल है। एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि इस अपराधी के मारे जाने के साथ ही एक बड़े गैंग का खात्मा हो गया है। पुलिस ने सभी बरामद हथियारों को अपने कब्जे में ले लिया है और फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल से सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं। इस कार्रवाई से इलाके में फैले आतंक के माहौल को काफी हद तक कम करने में सफलता मिली है।
डकैती और हत्या का पर्याय बना था विक्की का गैंग
आसिफ उर्फ विक्की का आपराधिक इतिहास बेहद जघन्य रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह अपने साथियों के साथ घरों में घुसकर लोगों को बंधक बनाकर डकैती डालता था। यदि पीड़ित विरोध करने की हिम्मत दिखाते थे, तो विक्की और उसका गैंग धारदार हथियारों से उनकी नृशंस हत्या कर देता था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में डकैती, लूट, हत्या और अपहरण जैसे 21 से अधिक गंभीर मामले दर्ज थे। वह वर्षों से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था और कई चर्चित मामलों में फरार चल रहा था।
दर्जनों परिवारों को बनाया था अपने जुल्म का शिकार
विक्की के अपराधों की फेहरिस्त बहुत लंबी है। 2013 में सुल्तानपुर के कोतवाली देहात में हत्या और डकैती, तो 2014 में जौनपुर के शाहगंज में एक परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट और फिर दो महिलाओं की हत्या, उसके गैंग की क्रूरता के बड़े प्रमाण हैं। 2015 में कौशांबी और मुजफ्फरनगर के छपार में उसने एक ही रात में कई घरों में डकैती डालकर सनसनी फैला दी थी। छपार में उसने एक महिला को धारदार हथियार से बुरी तरह घायल कर दिया था। वर्ष 2021 में कानपुर देहात के रसूलाबाद में तासीम नामक व्यक्ति की हत्या के मामले में भी वह मुख्य आरोपी था।
गैंग के अन्य सदस्यों की धरपकड़ की तैयारी
एसटीएफ के अधिकारियों का मानना है कि आसिफ के मारे जाने से उसके गिरोह की कमर टूट गई है। हालांकि, जांच को यहीं नहीं रोका गया है। एसटीएफ अब उन तमाम संपर्कों और सहयोगियों की तलाश में जुट गई है, जो विक्की को पनाह देते थे या उसके अपराधों में साथ देते थे। इस कार्रवाई के बाद से यूपी पुलिस ने राज्य भर में सक्रिय अन्य वांछित अपराधियों के खिलाफ भी अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आसिफ का अंत निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश के उन कई परिवारों के लिए राहत की खबर है, जो पिछले एक दशक से अधिक समय से इस अपराधी के आतंक के साये में जी रहे थे।
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