Iran War : वाहिदी से अहमदीनेजाद तक, मौत की अफवाहों ने कैसे दुनिया को चौंकाया

Iran War : ईरान में हालिया संघर्ष और इजरायली हमलों के दौरान जिन तीन बड़े सैन्य और राजनीतिक दिग्गजों के मारे जाने की खबरें पूरी दुनिया में फैली थीं, उनकी अचानक वापसी ने सभी को चौंका दिया है। अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम विदाई समारोह के दौरान पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद, आईआरजीसी (IRGC) के प्रमुख अहमद वाहिदी और कुर्द्स फोर्स के कमांडर इस्माइल कानी को सार्वजनिक रूप से देखा गया। गौरतलब है कि जंग के दौरान इजराइल ने इन तीनों की हत्या करने का दावा किया था, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी व्यापक चर्चाएं थीं। इन नेताओं की उपस्थिति ने अब ईरानी राजनीति में कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—पहला यह कि क्या ऐसे और भी अधिकारी हैं जिनके जीवित होने के बावजूद उन्हें ‘मृत’ घोषित किया गया था, और दूसरा यह कि ये पदाधिकारी अब तक किस स्थान पर छिपे थे?

ads

महमूद अहमदीनेजाद: पूर्व राष्ट्रपति की रहस्यमयी वापसी

ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद को लेकर भी युद्ध के दौरान उनके मारे जाने की घोषणा हुई थी, जिसका ईरानी सरकार ने उस समय स्पष्ट रूप से खंडन नहीं किया था। न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक रिपोर्ट में दावा किया था कि अमेरिका उन्हें ईरान का भावी सुप्रीम लीडर बनाना चाहता है, हालांकि इस पर तेहरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी। काफी समय तक सार्वजनिक जीवन से गायब रहने के बाद, अहमदीनेजाद को पहली बार खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान देखा गया, जिससे उनके जीवित होने की पुष्टि हुई।

Adst

अहमद वाहिदी और इस्माइल कानी का सामने आना

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रमुख अहमद वाहिदी के मारे जाने की खबरें भी जोरों पर थीं। हालांकि ईरान ने उस वक्त इन खबरों को सिरे से खारिज किया था, लेकिन वाहिदी लंबे समय तक किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम से दूर रहे थे। अंतिम विदाई के दौरान सामने आते ही वाहिदी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान को घुटनों पर लाने का अमेरिकी सपना कभी पूरा नहीं होगा। वहीं, कुर्द्स फोर्स के प्रमुख इस्माइल कानी, जिनके बारे में भी मौत की अफवाहें उड़ी थीं, को भी श्रद्धांजलि देते हुए देखा गया। कानी के करीबी सूत्रों ने पूर्व में उनके घायल होने की पुष्टि की थी, लेकिन उनकी सुरक्षित वापसी ने इजराइल के दावों को झूठा साबित कर दिया है।

Adst

मुज्तबा खामेनेई की अनुपस्थिति और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

इन दिग्गजों की वापसी के बीच, ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई का अपने पिता के अंतिम विदाई समारोह में शामिल न होना एक बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है। ईरानी प्रशासन का कहना है कि इजरायली हमलों के निरंतर खतरे को देखते हुए उनकी सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रम से दूर रखा गया है। मुज्तबा के घायल होने की अटकलें भी थीं, जिन्हें सरकार ने पूरी तरह गलत बताते हुए उन्हें स्वस्थ बताया है। फिलहाल वे भूमिगत (अंडरग्राउंड) रहकर अपनी सुरक्षा कर रहे हैं। उनकी अनुपस्थिति में 101 वर्षीय अयातुल्लाह हसन नूरी ने जनाजे की नमाज अदा की।

कूटनीतिक और सामरिक क्षेत्र में बढ़ी उलझनें

इन नेताओं के पुनः प्रकट होने से ईरान की युद्धनीति और खुफिया तंत्र पर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है। यह स्पष्ट है कि इन दिग्गजों को एक सुनियोजित तरीके से ‘अदृश्य’ रखा गया था ताकि वे दुश्मन की नजरों से बच सकें। इस घटनाक्रम ने न केवल मध्य-पूर्व के देशों के बीच एक मनोवैज्ञानिक युद्ध की स्थिति पैदा की है, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि ईरान अपने नेतृत्व की सुरक्षा को लेकर किसी भी हद तक जा सकता है। फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय बिरादरी इस घटना को ईरान की एक ‘रणनीतिक चाल’ के रूप में देख रही है।

Read More :  Tamil Nadu Politics : मुख्यमंत्री विजय मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, डीएमके ने वापस ली याचिका

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.