Kolkata ED Raid : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक बार फिर केंद्रीय जांच एजेंसियों की सक्रियता ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। मंगलवार की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों ने कोलकाता और साल्ट लेक के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। इस छापेमारी का मुख्य केंद्र साल्ट लेक का सीजी ब्लॉक (CG Block) रहा, जहां एक प्रमुख व्यवसायी के आवास पर ईडी ने दबिश दी। यह कार्रवाई एक बड़े साइबर वित्तीय घोटाले और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े कथित संदिग्ध बैंक लेन-देन की जांच के सिलसिले में की गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी अब उन वित्तीय धांधलियों को खंगालने में जुटी है, जिनके तार राज्य के रसूखदार नेताओं से जुड़ते दिख रहे हैं।

चार्टर्ड उड़ानों और वीवीआईपी कनेक्शन पर एजेंसी की नजर
जांच का एक मुख्य पहलू एक बड़ी एविएशन फर्म से जुड़ा है। छापेमारी के दायरे में आए व्यवसायी का संबंध एक ऐसी कंपनी से है जो चार्टर्ड फ्लाइट सेवाएं प्रदान करती है। ईडी के सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी इस बात की बारीकी से पड़ताल कर रही है कि इन चार्टर्ड विमानों का उपयोग किन वीवीआईपी (VVIP) और सत्ताधारी दल के कद्दावर नेताओं ने किया था। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन महंगी उड़ानों का भुगतान किस माध्यम से किया गया और क्या इसमें इस्तेमाल किए गए बैंक खाते मनी लॉन्ड्रिंग या किसी वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े हैं। चार्टर्ड उड़ानों के जरिए की गई यात्राओं के बिलों का भुगतान और उससे जुड़े सोर्स ऑफ फंड्स अब जांच के दायरे में हैं।

साइबर धोखाधड़ी की एफआईआर से खुला रहस्यों का पिटारा
इस पूरी छापेमारी की पटकथा पिछले महीने लिखी गई थी, जब दक्षिण 24 परगना के एक विधायक ने बिधाननगर साइबर पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई थी। विधायक का आरोप था कि एक बड़े साइबर फ्रॉड के जरिए लूटी गई रकम को सुनियोजित तरीके से कुछ संदिग्ध बैंक खातों में डायवर्ट किया गया है। विधायक ने आशंका जताई थी कि ये खाते सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस के वित्तीय तंत्र से जुड़े हो सकते हैं। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने 19 जून को तीन विशेष बैंक खातों को फ्रीज कर दिया था। बाद में, मनी लॉन्ड्रिंग के व्यापक पहलुओं को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले को टेकओवर कर लिया और तब से ही एजेंसी सबूतों को जुटाने में लगी थी।

बढ़ेगी टीएमसी की मुश्किलें: आंतरिक कलह और राजनीतिक दबाव
यह छापेमारी तृणमूल कांग्रेस के लिए दोहरी मुसीबत बनकर आई है। एक तरफ जहाँ केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई ने पार्टी की साख पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी तरफ यह मुद्दा पहले से ही टीएमसी के भीतर मौजूद आंतरिक गुटबाजी को हवा देने वाला है। इससे पहले चार्टर्ड उड़ानों के इस्तेमाल को लेकर पार्टी के अलग-अलग धड़ों (रिताब्रता गुट और कालीघाट गुट) के बीच तीखी बयानबाजी हो चुकी है। अब जब मामला जांच एजेंसियों के पास है, तो विपक्षी दल भी सरकार को घेरने के लिए तैयार हैं। राज्य की राजनीति में ईडी की इस एंट्री ने राजनीतिक तपिश को और बढ़ा दिया है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।
Read More : Ram Mandir Row : राम मंदिर चढ़ावा विवाद में SIT रिपोर्ट का दावा, जांच में सामने आए कई पहलू











