Sonipat Fire : हरियाणा के सोनीपत जिले स्थित राई औद्योगिक क्षेत्र (HSIIDC राई फेस-1) में मंगलवार की दोपहर एक भयावह अग्निकांड ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। आग की शुरुआत दोपहर लगभग 3 बजे प्लॉट नंबर-60 पर स्थित एक गैस लाइटर बनाने वाली फैक्ट्री से हुई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि उसने अपनी चपेट में आसपास की दो अन्य फैक्ट्रियों को भी ले लिया। लपटें इतनी ऊंची थीं कि उनका गुबार कई किलोमीटर दूर से ही देखा जा सकता था, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल बन गया।

आग का दायरा बढ़ा: तीन फैक्ट्रियां बनीं लपटों का शिकार
गैस लाइटर फैक्ट्री से शुरू हुई यह आग अनियंत्रित होकर तेजी से फैलती चली गई। यह भीषण आग विकास इंडस्ट्रीज के प्लॉट नंबर-92 और 93 तक पहुंच गई, जो मुख्य रूप से प्लाईवुड निर्माण का केंद्र था। इसके अतिरिक्त, प्लॉट नंबर-91 पर स्थित एक अन्य फैक्ट्री, जहाँ प्लास्टिक दानों से पैकिंग सामग्री तैयार की जाती थी, भी पूरी तरह आग की भेंट चढ़ गई। राहत की बात केवल इतनी रही कि समय रहते फैक्ट्री में मौजूद सभी कर्मचारियों ने सावधानी बरतते हुए बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन व्यावसायिक रूप से करोड़ों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

केमिकल ड्रमों में हुए धमाकों से दहला औद्योगिक क्षेत्र
आग की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्रियों के भीतर रखे केमिकल से भरे ड्रम भीषण गर्मी के कारण लगातार फट रहे थे। इन केमिकल ड्रमों के धमाकों से न केवल आग ने अपनी गति पकड़ ली, बल्कि पूरा इलाका धमाकों की गूंज से थर्रा उठा। आसमान में काले धुएं का इतना घना गुबार छा गया कि दिन के समय में भी अंधेरा महसूस होने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास की फैक्ट्रियों को भी खाली कराया गया ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।

दमकल विभाग की 12 से अधिक गाड़ियाँ जुटीं बुझाने में
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया। आग पर काबू पाने के लिए सोनीपत, पानीपत, गन्नौर, गोहाना और बहादुरगढ़ से दमकल विभाग की 12 से अधिक गाड़ियाँ आनन-फानन में मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए कई घंटों तक आग बुझाने का प्रयास किया। प्रशासन और स्थानीय पुलिस भी तुरंत घटनास्थल पर तैनात हो गई। एसडीएम सुभाष चंद्र ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से सील कर दिया।
प्रशासन जांच में जुटा: अभी तक कारणों का खुलासा नहीं
आग लगने के सही कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट-सर्किट या गैस रिसाव जैसी संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि आग पूरी तरह बुझने के बाद ही संभव होगी। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच समिति गठित करने के संकेत दिए हैं। फिलहाल, दमकल विभाग की टीम कूलिंग प्रक्रिया में जुटी है ताकि आग दोबारा न भड़के। इस अग्निकांड ने औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन मानकों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।












