Goldy Brar News: अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (FBI) ने बुधवार को कुख्यात गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह, जो ‘गोल्डी बरार’ के नाम से जाना जाता है, को अपनी ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल करते हुए उसकी गिरफ्तारी पर 50,000 अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा की है। एफबीआई ने एक आधिकारिक पोस्ट में स्पष्ट किया है कि यह इनाम उस व्यक्ति को दिया जाएगा जो गोल्डी बरार की गिरफ्तारी में मददगार साबित होने वाली सटीक सूचना प्रदान करेगा। सतिंदरजीत सिंह पर कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध समूह का सक्रिय सदस्य होने का आरोप है। यह समूह कथित तौर पर दक्षिणी कैलिफोर्निया के साथ-साथ पूरे संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में विभिन्न हिंसक वारदातों, जबरन वसूली और मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाया गया है।

अमेरिका में है गोल्डी बरार, जारी हो चुका है वारंट
एफबीआई की जांच के अनुसार, गोल्डी बरार वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका में ही छिपा हुआ है और उत्तरी अमेरिका में उक्त अपराधी गिरोह का मुख्य सूत्रधार माना जाता है। संघीय एजेंसी ने जानकारी दी कि 1 जुलाई, 2026 को लॉस एंजिल्स स्थित सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया की अमेरिकी जिला अदालत ने उसके खिलाफ औपचारिक रूप से संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। गोल्डी पर ‘रैकेटियर इन्फ्लुएंस एंड करप्ट ऑर्गेनाइजेशन्स’ (RICO) अधिनियम के तहत साजिश रचने, जबरन वसूली के जरिए वाणिज्यिक कार्यों में बाधा डालने और प्रतिबंधित मादक पदार्थों के वितरण की साजिश में शामिल होने जैसे गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। उसके तार कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो, फ्रेस्नो के अलावा कनाडा, भारत और मैक्सिको जैसे देशों से भी जुड़े हुए हैं।

हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड में भी बरार-बिश्नोई की भूमिका
यह ताजा घटनाक्रम तब सामने आया है, जब अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने कुछ ही घंटों पहले गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार पर 18 जून, 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रचने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, बिश्नोई और बरार उन 37 आरोपियों में प्रमुख हैं, जिन पर “ऑपरेशन हार्ड बॉल” के तहत कई संघीय अभियोग लगाए गए हैं। यह ऑपरेशन भारत-स्थित संगठित अपराध समूहों को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने के लिए शुरू किया गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि निज्जर की हत्या का आदेश बिश्नोई और बरार द्वारा ही दिया गया था, जिसे अंजाम देने के लिए दो बंदूकधारियों को नियुक्त किया गया था।

अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट और अन्य आरोपी
इस पूरे मामले के अभियोगों में जगगु भगवानपुरिया और रविंदर सिंह ढांडा जैसे अन्य बड़े संगठित अपराधियों के नाम भी शामिल हैं। अभियोजकों का आरोप है कि रविंदर सिंह ढांडा एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग वितरण नेटवर्क का संचालन कर रहा था, जबकि जगगु भगवानपुरिया गिरोह एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट के रूप में काम कर रहा था जिसके सदस्य अमेरिका, कनाडा, यूके, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में फैले हुए हैं। इस बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि अमेरिका अब इन अपराधियों के प्रति कोई नरमी नहीं बरतेगा और इन्हें न्याय के कठघरे में खड़ा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। गोल्डी बरार पर इनाम की घोषणा इस कड़ी कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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