US-Iran Tension : अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में संपन्न हुए युद्धविराम समझौते पर एक बार फिर गंभीर संकट के बादल छा गए हैं। ईरान ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका पर ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (MoU) के खुले उल्लंघन का आरोप लगाया है। ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात पर दी गई अस्थायी राहत (जनरल लाइसेंस) को वापस लेकर 18 जून 2026 को हुए समझौते की शर्तों की धज्जियां उड़ा दी हैं। इस एकतरफा फैसले ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को एक बार फिर तनावपूर्ण मोड़ पर ला खड़ा किया है। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस कदम से उपजे सभी नकारात्मक परिणामों के लिए सीधे तौर पर अमेरिकी प्रशासन ही जिम्मेदार होगा।

मात्र 20 दिनों में टूटी युद्धविराम की उम्मीदें
ईरान का आरोप है कि इस्लामाबाद समझौते पर हस्ताक्षर हुए अभी 20 दिन भी नहीं बीते थे कि अमेरिका ने 3 जुलाई 2026 को जनरल लाइसेंस रद्द करने की घोषणा कर दी। ईरानी विदेश मंत्रालय ने इस घटनाक्रम को अमेरिकी नीति की अस्थिरता और उनकी ‘बुरी नीयत’ का प्रमाण बताया है। ईरान का दावा है कि बीते तीन हफ्तों के दौरान अमेरिका ने न केवल सीधे तौर पर बल्कि लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों को समर्थन देकर भी समझौते का बार-बार उल्लंघन किया है। ईरान का कहना है कि उन्होंने समझौते की सभी शर्तों का ईमानदारी से पालन किया, जबकि अमेरिका लगातार बहाने बनाकर अपने वादों से मुकरता रहा है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की चेतावनी
समझौते के इस उल्लंघन को ईरान ने अपने राष्ट्रीय हितों पर सीधा हमला करार दिया है। विदेश मंत्रालय ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने को स्वतंत्र है। देश का मानना है कि यदि अमेरिका ने अपना अड़ियल रवैया नहीं बदला, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर होंगे। यह बयान ईरान के उस आक्रामक रुख को दर्शाता है, जिसमें वह अपनी सैन्य और कूटनीतिक सीमाओं की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने का संकेत दे रहा है।

दक्षिणी ईरान में सैन्य धमाकों से मची अफरा-तफरी
कूटनीतिक विवाद के बीच, दक्षिणी ईरान के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विस्फोटों की खबरें आई हैं। सरकारी प्रसारक IRIB के अनुसार, सिरिक, केशम द्वीप और बंदर अब्बास में कई धमाकों से दहशत फैल गई। सिरिक के एक व्यावसायिक बंदरगाह पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल गिरने की पुष्टि हुई है। इस हमले के कारण वहां मौजूद कई नागरिक घायल हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में मिनाब अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, इन हमलों के पीछे किसका हाथ है, इसे लेकर आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है, लेकिन इसे अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा परिणाम माना जा रहा है। मध्य-पूर्व का यह संवेदनशील क्षेत्र अब एक बार फिर युद्ध की कगार पर खड़ा नजर आ रहा है, जहाँ भविष्य में किसी भी समय बड़ी सैन्य कार्रवाई की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।
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