Baruipur Rape-Murder Case: पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में 12 वर्षीय नाबालिग के साथ हुई जघन्य बलात्कार और निर्मम हत्या की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस संवेदनशील मामले में अब एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रभाष मंडल को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका था। आज तड़के करीब 12:45 बजे जब पुलिस की टीम उसे घटनास्थल पर ‘क्राइम सीन रीक्रिएशन’ के लिए ले गई थी, तब उसने पुलिस की गिरफ्त से भागने की कोशिश की। इस दौरान उसने पुलिस के हथियार छीनने का प्रयास किया, जिसके जवाब में हुई पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी प्रभाष मंडल की मौत हो गई।

तीन गिरफ्तारियों के बाद पुलिस की सघन जांच जारी
इस वीभत्स अपराध के बाद से ही जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है और लोग दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमवार, 6 जुलाई को मामले के एक अन्य मुख्य आरोपी आनंद सरदार को दक्षिण 24 परगना के बाजार इलाके से गिरफ्तार किया। आरोपी की लोकेशन उसके मोबाइल फोन टावर के जरिए ट्रेस की गई थी। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या तीन तक पहुँच गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी सरदार की गिरफ्तारी के बाद मामले के सभी पहलुओं पर गहनता से पूछताछ की जा रही है।

विशेष जांच दल (SIT) का गठन और निगरानी
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एक छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो इस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रहा है। रविवार रात को एक आरोपी को पकड़े जाने के बाद सोमवार सुबह दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी हुई। इसके अलावा, तीन अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि SIT के गठन का मुख्य उद्देश्य अपराध की कड़ियों को जोड़ना और सभी साजिशकर्ताओं को कानून के कटघरे में खड़ा करना है। जांच टीम को आरोपियों के संभावित ठिकानों और अपराध में उनकी भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं।

तनावपूर्ण स्थिति के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था सख्त
पीड़िता का शव सुर्ज्यपुर हाट इलाके में एक बोरी से बरामद हुआ था, जिसके बाद से ही क्षेत्र में तनाव का माहौल है। रविवार को शव मिलने के कुछ ही घंटों बाद, उग्र भीड़ ने संदेह के आधार पर एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया था। इस भयावह घटना के बाद क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने दक्षिण 24 परगना के बरुईपुर, नरेंद्रपुर और सोनारपुर इलाकों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा (धारा 144 जैसा) लागू कर दी है। पुलिस प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अब प्रशासन का पूरा जोर इस जघन्य कांड के दोषियों को कठोरतम दंड दिलाने और राज्य में सुरक्षा का वातावरण बहाल करने पर है।
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