Road Accident : सरगुजा जिले में नेशनल हाईवे-343, यानी अंबिकापुर-रायगढ़ मुख्य मार्ग पर सोमवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में बाइक सवार हेड कॉन्स्टेबल श्रीराम लकड़ा की मौके पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार यात्री बस ने उन्हें इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उनकी बाइक बस के अगले हिस्से में फंस गई और वह कई मीटर तक घिसटते चले गए। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग भी दहल उठे। दुर्घटना में बस में बैठे कुछ यात्रियों को भी मामूली चोटें आईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।

लुचकी घाट के पास हुआ हादसा
यह हादसा कोतवाली थाना क्षेत्र के लुचकी घाट के पास हुआ। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब 8 बजे अंबिकापुर की ओर जा रही एक राजधानी बस ने बाइक सवार हेड कॉन्स्टेबल श्रीराम लकड़ा को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक बस के अगले हिस्से में फंस गई और श्रीराम लकड़ा सड़क पर काफी दूर तक घिसटते रहे। हादसे के दौरान उनके सिर में गंभीर चोट आई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस की रफ्तार काफी तेज थी और टक्कर के बाद चालक ने वाहन रोकने के बजाय कुछ दूरी तक बस बढ़ा दी, जिससे हादसे की भयावहता और बढ़ गई।

हादसे के बाद चालक बस छोड़कर फरार
दुर्घटना के तुरंत बाद बस चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। अचानक हुए इस हादसे से बस में सवार यात्रियों में भी अफरा-तफरी मच गई। कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और हालात को संभाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल भिजवाया। शुरुआती जांच के दौरान मृतक की पहचान तुरंत नहीं हो सकी थी, लेकिन बाद में पुष्टि हुई कि मृतक हेड कॉन्स्टेबल श्रीराम लकड़ा हैं। पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस लाइन में पदस्थ थे श्रीराम लकड़ा
मृतक हेड कॉन्स्टेबल श्रीराम लकड़ा अंबिकापुर पुलिस लाइन में पदस्थ थे। वह गांधीनगर थाना के पीछे स्थित पुलिस क्वार्टर में अपने परिवार के साथ रहते थे। परिजनों के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे वह ड्यूटी पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटे तो परिवार को चिंता होने लगी। उनकी पत्नी ने कई बार फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। परिवार को लगा कि वह किसी जरूरी ड्यूटी में व्यस्त होंगे। अगले दिन सुबह पड़ोस में रहने वाले एक आरक्षक ने हादसे की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन अस्पताल पहुंचे और शव की पहचान की।
पैतृक गांव जाने की आशंका
रिश्तेदारों के अनुसार, श्रीराम लकड़ा का पैतृक गांव रायगढ़ रोड पर बतौली के पास स्थित है। माना जा रहा है कि वह संभवतः उसी दिशा में जा रहे थे या वहां से लौट रहे थे। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के वक्त वह किस काम से उस मार्ग पर थे। इस बात की भी जांच की जा रही है कि दुर्घटना के समय वह सड़क के किस हिस्से में चल रहे थे और बस किस रफ्तार से आ रही थी।
प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला, ओवरटेक की आशंका
पुलिस को अभी तक इस दुर्घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला है, जिससे हादसे की सटीक परिस्थितियों का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। जांच अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना सड़क के दाहिने हिस्से में हुई थी। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि हेड कॉन्स्टेबल श्रीराम लकड़ा किसी बस को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। हालांकि, पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल कोतवाली पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है और फरार चालक की तलाश के साथ-साथ दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।












