Punjab Police : पंजाब के होशियारपुर जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ टांडा के एसएचओ (SHO) गुरिंदरजीत सिंह नागरा को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो के बाद की गई है। इस वीडियो में टांडा के एसएचओ पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें अमेरिका में रह रहे एक परिवार से कथित तौर पर एक्सटॉर्शन यानी जबरन वसूली और भारी रकम की मांग करने का दावा किया गया है। वीडियो के वायरल होते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और होशियारपुर के एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन गुरिंदरजीत सिंह नागरा को उनके पद से हटा दिया।

विभागीय जांच के दायरे में आया मामला
इस हाई-प्रोफाइल मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए इसे जालंधर रूरल के एसपी (डी) को सौंप दिया गया है। होशियारपुर के एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह पूरी कार्रवाई सोशल मीडिया पर चल रही जानकारी और वीडियो के आधार पर की गई है। उन्होंने यह भी साफ किया कि अभी तक भारत या पंजाब सरकार की तरफ से इस मामले में किसी भी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से कोई आधिकारिक पुष्टि या औपचारिक संचार प्राप्त नहीं हुआ है। डीआईजी के आदेश पर इस मामले की उच्च स्तरीय विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल एहतियात के तौर पर एसएचओ को लाइन हाजिर किया गया है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही भविष्य की कानूनी कार्यवाही तय की जाएगी।

क्या है अंतरराष्ट्रीय ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’?
यह मामला केवल एक स्थानीय पुलिस अधिकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध अमेरिका में चल रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अभियान से जुड़ता दिख रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के खिलाफ ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ नामक एक व्यापक समन्वित कार्रवाई शुरू की है। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य अमेरिका, कनाडा और यूरोप में फैले उस संगठित आपराधिक नेटवर्क का सफाया करना है, जो हत्या, जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी, अपहरण और अवैध हथियारों की तस्करी जैसी गंभीर गतिविधियों में लिप्त हैं। अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) के अनुसार, इस अभियान में अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

लॉरेंस बिश्नोई पर अमेरिकी अदालतों में लगे गंभीर आरोप
अमेरिकी न्याय विभाग ने अपनी जांच के तहत कैलिफोर्निया, इंडियाना, जॉर्जिया, कनाडा और स्पेन में 50 से अधिक तलाशी वारंट जारी किए हैं। संघीय अभियोगों के अनुसार, जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर भारत की जेल में रहते हुए भी एक वैश्विक आपराधिक सिंडिकेट चलाने का आरोप है। अभियोजकों का दावा है कि बिश्नोई ने प्रतिबंधित मोबाइल फोन और एन्क्रिप्टेड संचार उपकरणों का उपयोग करके कई देशों में राजनीतिक हत्याओं और जबरन वसूली जैसे अपराधों को अंजाम दिया है। इस अंतरराष्ट्रीय जांच के दौरान ही भारतीय पुलिस अधिकारियों पर भी इन अपराधों में मिलीभगत के आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद पंजाब पुलिस अब अपनी साख बचाने और मामले की तह तक जाने के लिए गंभीर कदम उठा रही है।












