Vigilance Raid : उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग से सेवानिवृत्त सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने एक बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में चल रही जांच के दौरान 7 और 8 जुलाई 2026 को लखनऊ स्थित उनके आवास पर की गई छापेमारी ने जांच अधिकारियों को भी दंग कर दिया। वर्षों तक विभाग में तैनात रहे ललित कुमार के घर से जो ‘धन-कुबेर’ का खजाना बरामद हुआ, वह भ्रष्टाचार की भयावह तस्वीर पेश करता है। विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

कैश और आभूषणों का अंबार
छापेमारी के दौरान विजिलेंस टीम को ललित कुमार के घर से लगभग 1.62 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। इसके साथ ही, 13 किलोग्राम सोना, 9 किलोग्राम चांदी और बेशकीमती हीरे-जवाहरात भी मिले हैं। इन बरामद आभूषणों और कीमती धातुओं की बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। एक रिटायर अधिकारी के घर से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना मिलना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सेवाकाल के दौरान उन्होंने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति जुटाई थी। घर में मिले इन अनगिनत धन के स्रोतों की अब विजिलेंस टीम बारीकी से जांच कर रही है।

संपत्तियों का जाल: चार जिलों में फैला काला साम्राज्य
विजिलेंस की जांच केवल नकदी और सोने तक ही सीमित नहीं रही। तलाशी के दौरान लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली और नोएडा में स्थित कई आलीशान मकानों, फ्लैटों, व्यावसायिक प्लॉटों और कृषि भूमि के दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, दो लग्जरी कारें, एक रिवॉल्वर और एक करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय निवेश से जुड़े कागजात भी टीम के हाथ लगे हैं। यह संपत्ति का अंबार इस बात की गवाही देता है कि ललित कुमार ने अपने सेवाकाल के दौरान उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में अवैध कमाई के जरिए संपत्तियों का एक बड़ा साम्राज्य खड़ा कर लिया था।

भ्रष्टाचार का मामला और कानूनी प्रक्रिया
ललित कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानपुर स्थित विजिलेंस थाने में दो साल पहले ही मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले की विवेचना उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की लखनऊ इकाई कर रही है। जांच के दौरान जब पर्याप्त साक्ष्य और आय से अधिक संपत्ति के पुख्ता आधार मिले, तो टीम ने अदालत से तलाशी वारंट हासिल किया और इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। मूल रूप से रायबरेली के रहने वाले और वर्तमान में लखनऊ की चंद्रलोक कॉलोनी में रह रहे ललित कुमार की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं।
कार्रवाई पर इनाम और आगे की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने छापेमारी करने वाली विजिलेंस टीम के कार्य की सराहना की है। उन्होंने टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साहस और तत्परता के लिए एक लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है। वर्तमान में, विजिलेंस टीम बरामद सभी संपत्तियों के स्रोतों का मिलान उनकी वास्तविक आय से कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि विवेचना पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई को और सख्त किया जाएगा। यह छापेमारी उन भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो अपनी पद का दुरुपयोग कर अवैध धन का अर्जन कर रहे हैं।












